राजनीति में कामयाब हुईं पूनम पासवान

कटिहार : दलित परिवार की एक युवा राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में पूनम पासवान अपनी इच्छाशक्ति के बल पर राजनीति में पैर जमा चुकी है. सुश्री पूनम एक दशक पूर्व कांग्रेस से जुड़ कर सक्रिय राजनीति में आयी. शीर्ष नेतृत्व व अपने राजनीतिक क्षमता से प्रभावित कर सुश्री पूनम पहले कांग्रेस की जिलाध्यक्ष बनी. वर्ष […]

कटिहार : दलित परिवार की एक युवा राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में पूनम पासवान अपनी इच्छाशक्ति के बल पर राजनीति में पैर जमा चुकी है. सुश्री पूनम एक दशक पूर्व कांग्रेस से जुड़ कर सक्रिय राजनीति में आयी. शीर्ष नेतृत्व व अपने राजनीतिक क्षमता से प्रभावित कर सुश्री पूनम पहले कांग्रेस की जिलाध्यक्ष बनी. वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में कोढ़ा सुरक्षित विधानसभा सीट से कांग्रेस से उनका टिकट लगभग तय हो चुका था.
अंतिम क्षण में उनका टिकट कट गया. बाद में वह कांग्रेस महासचिव बनी. कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रहते हुए पार्टी नेतृत्व ने वर्ष 2015 की विधानसभा चुनाव में उन्हें कोढ़ा से प्रत्याशी बनाया. कोढ़ा के जनता ने महिला नेतृत्व पर भरोसा कर भारी मतों से जिता कर उन्हें विधानसभा भेज दिया. दरअसल, राजनीति में मिली कामयाबी उनकी इच्छाशक्ति के बदौलत ही मिली है.

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