जान जोखिम में डाल कर जवान कर रहे ड्यूटी

मंडल कारा में सुरक्षा की स्थिति बदतर, सुरक्षा दीवार पर बनी गुमटी जर्जर कटिहार : कटिहार मंडल कारा की सुरक्षा के लिए चारों कोना पर बनाये गये सुरक्षा प्रहरी की गुमटी जर्जर स्थिति में है. गुमटी का जर्जर होने का मतलब जेल की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा प्रहरी को स्वयं सुरक्षा की जरूरत पड़ रही […]

मंडल कारा में सुरक्षा की स्थिति बदतर, सुरक्षा दीवार पर बनी गुमटी जर्जर

कटिहार : कटिहार मंडल कारा की सुरक्षा के लिए चारों कोना पर बनाये गये सुरक्षा प्रहरी की गुमटी जर्जर स्थिति में है. गुमटी का जर्जर होने का मतलब जेल की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा प्रहरी को स्वयं सुरक्षा की जरूरत पड़ रही है. क्योंकि उस गुमटी पर खड़े रह कर जेल के बाहर व भीतर सुरक्षात्मक नजर रखने वाले राइफलधारी सिपाही की गुमटी के ध्वस्त होने से उसकी जान भी जा सकती है. जान जोखिम में डाल कर ही सुरक्षा प्रहरी अपना कर्तव्य पूरा करते हैं.
इन सुरक्षा प्रहरियों के सुरक्षा निमित्त बने गुमटी की मरम्मती या पुनर्निर्माण कराने की दिशा में कोई पहल भी नहीं हो रही है. मंडल कारा क्षेत्र के अंदर अपराधियों की गतिविधि सहित बाहरी अपराधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था की गयी है. जो जानकारी के अनुसार इन दिनों खराब है. शुक्रवार को प्रभात खबर की टीम ने जब इसका जायजा लिया तब यह स्थिति सामने आयी.
मंडल कारा में कैदी व जेल कर्मियों की स्थिति
मंडल कारा में कुल 575 कैदी वर्तमान में बंद हैं. जिसमें 26 महिला कैदी भी शामिल हैं. वहीं सुरक्षा कर्मियों की कार्यरत कुल संख्या 22 नियमित सहित 70 है. इन्हीं कर्मियों के भरोसे कैदियों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने का कार्य किया जाता है. जबकि कैदियों में कुख्यात एवं डकैती, हत्या, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध में संलिप्त अपराधी भी कैदी के रूप में कारा में बंद हैं.
ऐसे अपराधी तत्वों पर निगरानी रखना कैदियों को सुधारने के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजनों को संपन्न कराना आदि कार्य शामिल है. जिसे सरकार के निर्देश पर पूरा किया जाता है. जेल में साफ-सफाई से लेकर पूजा-त्योहार आदि का भी कैदियों की सामूहिक भावना को ध्यान में रख कर किया जाता है.
इतने कैदियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षा के इंतजाम यदि मजबूत न हो तो मुसीबत दरवाजे पर खड़ी रहती है. जानकारी के अनुसार वर्षों पूर्व बने चाहरदिवारी की समय-समय पर मरम्मती आवश्यक है. जबकि विगत दिनों आये भूकंप के कारण चाहरदिवारी में कई जगह दरारें आ गयी है.
साथ-साथ दिवाल का प्लास्टर भी दम तोड़ रहा है. अधिकारियों के अनुसार इसकी मरम्मती के लिए पत्राचार आदि किया गया है. लेकिन विभाग द्वारा कब इसकी मरम्मती होगी, यह जानकारी नहीं है. यद्यपि इसके लिए भवन निर्माण विभाग चाहे तो स्थानीय तौर आकस्मिक खर्च के लिए दी गयी राशि से तत्काल इसकी मरम्मती करवा सकती है. इसके लिए जिला पदाधिकारी को पहल करने की आवश्यकता है. जानकारी के अनुसार चाहरदिवारी मरम्मती एवं गुमटी निर्माण के लिए प्राक्कलन भी विभाग व सरकार को भेजा गया है.

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