पुल से यातायात ही नहीं पढ़ाई भी हो रही बाधित महानंदा नदी पर पुल नहीं बनने से लोग परेशान उच्च विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मौलनापुर में छात्र-छात्राएं पुल के अभाव में विद्यालय नहीं जा पाते हैं. गर्भवती महिलाएं व बूढ़े, बीमार व्यक्ति का इलाज समय पर नहीं हो पाता है फोटो नं. 35 कैप्सन- महानंदा नदी पर नहीं बना है पुल, लोग परेशान. प्रतिनिधि, बलिया बेलौन कदवा भाग दो के 12 पंचायतों को बारसोई अनुमंडल से जोड़ने के लिए महानंदा नदी के मौलनापुर में उच्च स्तरीय पुल की मांग विगत 30 वर्षों से ग्रामीण करते आ रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पुल के अभाव में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. किसानों का खेती-बारी प्रभावित होता है. उच्च विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मौलनापुर में छात्र-छात्राएं पुल के अभाव में विद्यालय नहीं आ पाते हैं. गर्भवती महिलाएं व बूढ़े, बीमार व्यक्ति का इलाज समय पर नहीं हो पाता है. अनुमंडल मुख्यालय बारसोई रेलवे स्टेशन से लोग वर्ष में छह माह कटे रहता है. लोगों ने बताया कि पूर्व सांसद निखिल चौधरी, पूर्व विधायक भोला राय द्वारा इस पुल की स्वीकृति मिलने की बात कहे जाने के बाद यह ठंडे बस्ते में चला गया. सांसद तारिक अनवर, विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, विधायक डॉ शकील अहमद खान ने चुनाव के दौरान आश्वासन दिया था कि प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले यहां पुल बनेगा. यह केवल आश्वासन बन कर रह गया है. कहते हैं मुखियामधाईपुर के मुखिया वसीला तौहीद, मुखिया प्रतिनिधि आफाक अख्तर ने बताया कि पुल के अभाव में छह माह लोगों का आवागमन बंद रहता है. नदी में पानी कम होने पर लोगों के सहयोग से चचरी बना कर या फिर श्रमदान से मिट्टी भर कर किसी तरह यातायात बहाल किया जाता है. विगत तीस वर्षों से इस क्षेत्र के लोग कष्ट झेल रहे हैं. सांसद, विधायक द्वारा लोगों की समस्या का निदान शीघ्र नहीं किया जाता है तो लोग उग्र आंदोलन पर विवश होंगे.
पुल से यातायात ही नहीं पढ़ाई भी हो रही बाधित
पुल से यातायात ही नहीं पढ़ाई भी हो रही बाधित महानंदा नदी पर पुल नहीं बनने से लोग परेशान उच्च विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मौलनापुर में छात्र-छात्राएं पुल के अभाव में विद्यालय नहीं जा पाते हैं. गर्भवती महिलाएं व बूढ़े, बीमार व्यक्ति का इलाज समय पर नहीं हो पाता है फोटो नं. 35 कैप्सन- महानंदा […]
