मरीजों को शुद्ध पेयजल भी नसीब नहींहाल सदर अस्पताल काफोटो- 3 कैप्सन शुद्ध पेयजल के लगाया गया वाटर फिल्टर बेकार पड़ा हुआ प्रतिनिधि, कटिहार राज्य सरकार सूबे जिला स्तरीय सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का दावा करती है. लेकिन जमीनी हकीकत इन सभी बातों से कोसो दूर है. सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे अन्य सभी संसाधन के अभाव के बावजूद मरीजों को शुद्ध जल मयस्सर नहीं हो पा रहा है. हालांकि अस्पताल प्रशासन मरीजों को शुद्ध पेयजल के लिए कई वाटर प्युरीफाई मशीन तो लगाया गया था, लेकिन सभी बेकार है और खराब पड़े है. जिस कारण मरीज व उसके अटेंडेंट को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं हो पाता है. जब सदर अस्पताल में संसाधन का घोर अभाव है तो सुदूर व ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सक कें द्रों की क्या स्थिति रही होगी. टंकी का पानी पीते हैं मरीज व उनके परिजन कटिहार में आयरन युक्त पानी का सेवन करने से लोग अधिक संख्या में बीमार ग्रस्त होते है. सदर अस्पताल सहित जिले के सुदूर क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र में किस प्रकार टंकी का पानी का सेवन कराया जाता है. जबकि टंकी में कई दिनों का पानी जमा रहता है. जिस कारण वह पानी पीने लायक भी नहीं रहती है, लेकिन अस्पताल प्रबंधक मरीजों के पीने के लिए टंकी का पानी ही उपलब्ध करा रही है. क्या यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना नहीं है.
मरीजों को शुद्ध पेयजल भी नसीब नहीं
मरीजों को शुद्ध पेयजल भी नसीब नहींहाल सदर अस्पताल काफोटो- 3 कैप्सन शुद्ध पेयजल के लगाया गया वाटर फिल्टर बेकार पड़ा हुआ प्रतिनिधि, कटिहार राज्य सरकार सूबे जिला स्तरीय सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का दावा करती है. लेकिन जमीनी हकीकत इन सभी बातों से कोसो दूर है. सदर अस्पताल में […]
