चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कर रहे क्लर्क का कार्यहाल के बीझा महाविद्यालय का फोटो नं.7 कैप्सन – अतिपिछड़ा छात्रावास का हाल प्रतिनिधि, कटिहारआपको सुन कर यह वाकया जरूर अटपटा लगेगा, लेकिन यह सोलह आना सत्य है. शहर के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में शुमार के बीझा कॉलेज इन दिनों प्यून के भरोसे चल रहा है. अगर यह चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अपने कार्य को छोड़ कर मूल कार्य को करें तो कई मुसीबतों का सामना महाविद्यालय प्रशासन व विद्यार्थियों को करना पड़ सकता है. चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अपने मूल कार्य को छोड़ कर क्लर्क का कार्यभार संभाल रहे हैं. प्रभात खबर ने जब शुक्रवार को केबी झा कॉलेज का जायजा लिया तो पाया कि पियून ही क्लर्क का काम कर रहे थे. इस बात को कॉलेज के स्टेनो ने भी स्वीकार किया है कि क्लर्क का काम पियून से लिया जा रहा है. यह सब स्टाफ की कमी की वजह से हो रहा है. छात्रावास की सुविधा नहीं मिलती है छात्रों को केबीझा कॉलेज में वर्ष 1997 में निर्मित अतिपिछड़ा छात्रावास अब तक चालू नहीं हो पाया है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी है. जिसके कारण कई बार जिला कल्याण पदाधिकारी को अवगत कराया गया है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल कल्याण पदाधिकारी की ओर से नहीं किया गया है. आधा-अधूरा निर्माण है स्वीमिंग पुल कामहाविद्यालय परिसर में लाखों की लागत से स्वीमिंग पुल का निर्माण कराया गया है. लेकिन अब भी यह आधा-अधूरा हालात में है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यूजीसी के द्वारा आधा राशि का आवंटन किया गया है और बांकी के राशि आवंटन नहीं किये जाने के कारण स्वीमिंग पुल का निर्माण पूरा नहीं किया जा सका है. और भी समस्या है इस महाविद्यालय मेंकेबीझा महाविद्यालय में खेलकूद का मैदान नहीं है. वहीं बिजली नहीं होने के कारण क्लास व कर्मचारी कक्ष में पंखा व बिजली की सुविधा नदारद दिखती है. किन-किन विषयों की होती है पढ़ाईसंगीत, गृह विज्ञान विषय को छोड़ कर कला, विज्ञान, वाणिज्य की पढ़ाई होती है. पार्ट-वन में नामांकित छात्रों की संख्या 2500, पार्ट-टू में 1500, पार्ट-थ्री में 1000 है. वहीं महाविद्यालय शिक्षकों की कमी से भी जूझ रहा है. 70 शिक्षकों की जगह मात्र 42 शिक्षक शिक्षण कार्य में लगे हुए हैं. शिक्षकेतर कर्मचारी की बात करे तो 23 पद सृजित है. जबकि 8 लोग ही इस पद पर कार्य कर रहे हैं. क्या कहते हैं महाविद्यालय प्रशासन के लोगकेबीझा महाविद्यालय के अशुलिपिक एसके मल्लिक ने बताया कि महाविद्यालय से संबंधित सारी समस्याओं को यूजीसी व विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है. लेकिन अब तक अग्रतर कार्रवाई नहीं की गई है.
चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कर रहे क्लर्क का कार्य
चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कर रहे क्लर्क का कार्यहाल के बीझा महाविद्यालय का फोटो नं.7 कैप्सन – अतिपिछड़ा छात्रावास का हाल प्रतिनिधि, कटिहारआपको सुन कर यह वाकया जरूर अटपटा लगेगा, लेकिन यह सोलह आना सत्य है. शहर के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में शुमार के बीझा कॉलेज इन दिनों प्यून के भरोसे चल रहा है. अगर यह चतुर्थवर्गीय कर्मचारी […]
