बोर्ड किसी और रूट का, ट्रेन जाती है किसी और रूट पर

आप कटिहार रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे तो आपको पैसेंजर ट्रेनों में अक्सर यह देखने को मिलता है कि उसमें बोर्ड राधिकारपुर की लगी है लेकिन वह जोगबनी जा रही है. मनिहारी रूट में चलने वाली ट्रेनों में समस्तीपुर व बरौनी के बोर्ड टंगे दिखते हैं कटिहार : कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर ट्रेन को अगर मनिहारी वाली रूट […]

आप कटिहार रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे तो आपको पैसेंजर ट्रेनों में अक्सर यह देखने को मिलता है कि उसमें बोर्ड राधिकारपुर की लगी है लेकिन वह जोगबनी जा रही है. मनिहारी रूट में चलने वाली ट्रेनों में समस्तीपुर व बरौनी के बोर्ड टंगे दिखते हैं

कटिहार : कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर ट्रेन को अगर मनिहारी वाली रूट में चलायी जाये तो वैसे बहुत सारे यात्री होंगे जो राधिकापुर के लिए इस ट्रेन पर चढ़ जाते हैं. ऐसी गलती कभी-कभार नहीं होती है अपितु इस प्रकार की गलती अक्सर यात्री कर ही देते हैं. जिसका सारा श्रेय रेलवे अधिकारियों को जाता है.
अमूमन जब भी आप कटिहार रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे तो आपको पैसेंजर ट्रेनों में अक्सर यह देखने को मिलता है कि उसमें बोर्ड राधिकारपुर की लगी है लेकिन वह जोगबनी जा रही है. मनिहारी रूट में चलने वाली ट्रेनों में समस्तीपुर व बरौनी के बोर्ड टंगे दिखते हैं. उसी प्रकार जोगबनी जाने वाली ट्रेन में कटिहार-राधिकापुर रूट का बोर्ड नजर आता है.
बहुत ऐसे पैसेंजर ट्रेन होती है, जिसमें सही बोर्ड लगा रहता है. जिस कारण यात्री इस बोर्ड को देखकर गलत रूट की ट्रेन में चढ़ जाते है. जिस कारण उसे आगे जाकर काफी कठिनाई होती है.
कहते हैं अधिकारी
इस संदर्भ में सीनियर डीसीएम पवन कुमार ने बताया कि जिस रूट की ट्रेन होगी. उसमें उसी रूट का बोर्ड होना चाहिए. अगर ऐसा हो रहा है तो यह गंभीर बात है क्योंकि याित्रयों को इससे परेशानी होती है. अगर उक्त ट्रेन में दूसरे रूट का बोर्ड लगा मिला तो संबंधित विभाग के पदाधिकारी व कर्मी पर कार्रवाई की जायेगी.

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