जर्जर कमरे में पढ़ने को मजबूर 233 बच्चे, नए भवन का इंतजार

कटिहार के उत्क्रमित मध्य विद्यालय विद्यानंदपुर की बदहाल स्थिति चिंताजनक है. 233 छात्र-छात्राओं का भविष्य एक जर्जर कमरे के भरोसे है, जबकि नया भवन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है. अभिभावक और समाजसेवी विरोध की चेतावनी दे रहे हैं.

कटिहार के बलिया बेलौन से तबस्सुम यजदानी की रिपोर्ट.

बलिया बेलौन : ग्राम पंचायत मधाइपुर के वार्ड संख्या-10 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय विद्यानंदपुर में 233 नामांकित छात्र-छात्राओं का भविष्य एक जर्जर कमरे के सहारे चल रहा है. विद्यालय भवन की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि अभिभावकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है.

एक कमरे में चल रही आठवीं तक की कक्षाएं

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनवर हुसैन ने बताया कि विद्यालय में दो कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. एक कमरे का उपयोग कार्यालय और विद्यालय सामग्री रखने के लिए किया जा रहा है, जबकि दूसरे जर्जर कमरे में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई कराई जा रही है.

उन्होंने बताया कि भवन की छत से कई जगह प्लास्टर गिर रहा है और बारिश के दौरान पानी भी टपकता है. इससे छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हादसे की आशंका के कारण कई बच्चे विद्यालय आने से भी कतराने लगे हैं.

टेंडर के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण

प्रधानाध्यापक ने बताया कि करीब तीन माह पहले जर्जर तीन कमरों को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक संवेदक ने निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया है. इससे विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों में नाराजगी है.

आंदोलन की चेतावनी

समाजसेवी सलीम ज़र्राह ने कहा कि भवन की कमी और जर्जर स्थिति के कारण अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने से हिचक रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर होने के बावजूद संवेदक की लापरवाही से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो रहा है. यदि जल्द काम शुरू नहीं किया गया तो संवेदक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.


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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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