प्रवीण कुमार, कटिहार : संपूर्ण जिले में बैंक एवं एटीएम का संचालन राम भरोसे हो रहा है. बैंक एवं एटीएम एवं आसपास चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहने के कारण आये दिन बड़ी घटना होती रहती है. इसके बावजूद भी प्रशासन के द्वारा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम नहीं किया जाता है. जिला मुख्यालय से प्रतिदिन आधा दर्जन एसआईएस का वाहन जिले के विभिन्न भागों में लगे एटीएम में रुपये भरने के लिए जाया जाता है. लेकिन रुपये ले जाने वाले वाहन में कहने के लिए एक या दो गनमैन को तैनात दिया जाता है.
घटना से महज तीन मिनट पहले कदवा पुलिस का गुजरा था गश्ती वाहन
प्रवीण कुमार, कटिहार : संपूर्ण जिले में बैंक एवं एटीएम का संचालन राम भरोसे हो रहा है. बैंक एवं एटीएम एवं आसपास चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहने के कारण आये दिन बड़ी घटना होती रहती है. इसके बावजूद भी प्रशासन के द्वारा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम नहीं किया जाता है. जिला मुख्यालय से […]

घटना से महज तीन मिनट पहले कदवा पुलिस का गुजरा था गश्ती वाहन
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं किया जाता है. अगर रुपये ले जाने वाले वाहन के आगे पुलिस एस्कॉर्ट करती रहती तो कदवा के सोनैली में 50 लाख की लूट की घटना नहीं घटती. गुरुवार की दोपहर 2:00 बजे सनौली पूर्णिया पथ के आरएनडीवी स्कूल के समीप एक पेट्रोल पंप परिसर में स्टेट बैंक के द्वारा लगाये गये एटीएम में 50 लाख रुपये डालने गये वाहन से पचास लाख रुपये से भरा बैग को आधा दर्जन अपराध कर्मी ने पिस्तौल का भय दिखाकर दिनदहाड़े लूट लिया.
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार जब पेट्रोल पंप परिसर में 50 लाख रुपये की लूट हो रही थी. घटनास्थल से एक सौ गज की दुरी पक्की सड़क से दो मिनट पहले सनौली से कदवा थाना की ओर पुलिस की गाड़ी जाते हुए देखा गया है. अगर उक्त पुलिस का वाहन उस समय पेट्रोल पंप परिसर में स्थित एटीएम का जांच कर लिया होता तो यह घटना नहीं घटती. आखिर पुलिस गश्त केवल आम लोगों को सड़क पर दिखाने के लिए करती है या फिर विधि व्यवस्था को देखने के उद्देश्य चलती है. यह चर्चा का विषय बना हुआ है.
गश्ती के नाम पर हो रही खानापूर्ति
पुलिस गश्ती दल को सड़क के किनारे बैंक तथा एटीएम सहित सरकारी एवं गैर सरकारी प्रतिष्ठानों का सुरक्षा के दृष्टि से जायजा लेना चाहिए. लेकिन इस दिशा में पुलिस गश्ती दल कार्य नहीं कर रही है. जिसके कारण पुलिस गस्ती दल गुजरने के बाद कुछ मिनट के उपरांत पेट्रोल पंप परिसर में लगे एटीएम के समीप एटीएम वाहन से 50 लाख रूपये की लूट हो गयी.
लेकिन गश्ती दल को इसकी भनक भी नहीं चल सका. जब आसपास के ग्रामीणों के द्वारा कदवा पुलिस को लूट की घटना की सूचना मोबाइल के माध्यम से दिया गया. तभी उक्त गश्ती दल चपरघट मोड़ के समीप से वापस होकर घटनास्थल पर पहुंचा. चपरघट से घटना स्थल की दुरु मात्र दो-तीन सौ गज है.
जिस समय पुलिस की जीप आ रही थी उसी समय उनके सामने से पराधकर्मियों का मोटरसाइकिल भी तेजी से गुजरते हुए पूर्णिया की ओर भागने में सफल हो गया. पुलिसकर्मी को इसका अंदाजा तक भी नहीं चल सका. ऐसे गश्ती दल जो आंख एवं कान बंद कर गस्त करगे, तो उनके इसी तरह की बड़ी घटना घटती रहेंगी. ऐसी पुलिस दस्त होने का कोई मतलब नहीं रह गया है. इस बात को लेकर आम लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
वृद्ध गार्ड के भरोसे एटीएम में डालने भेजा 50 लाख कैश
जिस कैश वाहन से 50 लाख रुपये सोनैली के रानी सती पेट्रोल पंप स्थित स्टेट बैंक की एटीएम में राशि डालने गया था. उस वाहन में लगभग 60 वर्षीय वृद्ध दो नाली बंदूक के साथ सुरक्षा में तैनात था. एसआईएस एजेंसी की लापरवाही इसमें साफ तौर पर देखी जा रही है. एजेंसी ने इतनी बड़ी राशि की सुरक्षा का जिम्मा कैसे एक वृद्ध सुरक्षा कर्मी के भरोसे छोड़ रखा था. यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है. सूत्रों के अनुसार दो से तीन गार्ड कैश वाहन में होने चाहिए. लेकिन एक मात्र गार्ड के भरोसे 50 लाख की राशि की सुरक्षा की बात थोड़ी अटपटी लग रही है.