िजले में 33 फीसदी मक्का की फसल बर्बाद

कटिहार : जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगी मक्के की फसल में दाना नहीं आने की समस्या पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रही है. दाना नहीं आने के कारण हुए नुकसान को लेकर किसानों ने लगातार प्रशासन से लेकर सरकार के स्तर तक अपनी आवाज बुलंद की. जिले की मुख्य एवं सुरक्षित व्यापारिक फसल […]

कटिहार : जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगी मक्के की फसल में दाना नहीं आने की समस्या पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रही है. दाना नहीं आने के कारण हुए नुकसान को लेकर किसानों ने लगातार प्रशासन से लेकर सरकार के स्तर तक अपनी आवाज बुलंद की. जिले की मुख्य एवं सुरक्षित व्यापारिक फसल होने के कारण से मक्के से ऐसी नाउम्मीदी कम ही की जाती है.
बाजार की कीमत को लेकर उतार-चढ़ाव का का मामला अलग है. पर, उत्पादन के स्तर पर इस फसल के औंधे मुंह गिरना किसानों के लिए हादसे से कम नहीं है, क्योंकि बढ़िया उत्पादन के बगैर इस फसल में लाभ की गुंजाइश नहीं होती है. मक्के में दाना नहीं आने को लेकर मिली शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए सरकार से लेकर विभागीय स्तर तक पिछले दिनों इसका डेटाबेस तैयार करने की कवायद चल रही थी. विभागीय जांच और ग्राउंड सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इसकी रिपोर्ट तैयार हो गयी है और इसे शीघ्र ही विभागीय उच्चाधिकारियों और सरकार के पास प्रेषित किया जायेगा. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 16 प्रखंडों में से तीन प्रखंड हसनगंज, डंडखोरा एवं बलरामपुर क्षति के मामले में अप्रभावित बताये गये हैं. शेष 13 प्रखंडों की कुल मक्का आच्छादित भूमि में 7665. 51 हेक्टेयर भूमि में लगी हुई फसल क्षति के दायरे में दर्ज की गयी है.
लगभग 17 हजार किसान हुए हैं प्रभावित
विभागीय जानकारी के मुताबिक बीते वर्ष 2016 के दिसंबर माह में ही एलपीसी एवं जमीन के मोटेशन को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर सभी एलपीसी व शुद्धि पत्र को प्रखंड के बेवसाइट पर अपलोड करने को कहा गया था. इस आदेश का अनुपालन कराने के लिए डीएम के स्तर से सभी सीओ को निर्देश भी दिये गए थे. लेकिन अंचलों की उपलब्धि यह बताने को काफी है कि सीओ ने उक्त आदेश को अमल में लाने में रुचि नहीं दिखाई है.
कहते हैं डीएओ
जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद ने बताया कि रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों के पास जल्द ही भेजी जायेगी और वहां से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आगे कार्रवाई की जायेगी.

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