कटिहार : बाल विवाह के मामले में नगर थाना पुलिस ने शहर के दुर्गा मंदिर में दबिश डालकर शादी को रोक दिया. साथ ही दोनों पक्षों की आेर से प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है. अक्सर ऐसा देखा गया है कि बाल विवाह के मामले में अक्सर लड़की ही नाबालिग निकलती है, पर लेकिन यह मामला कुछ अलग है.
इस मामले में लड़की तो बालिग है, लेकिन लड़का ही नाबालिग निकला. नगर थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी युवक को हफला की ही एक युवती के साथ प्यार हुआ. दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा. इस क्रम में दोनों घर से फरार हो गये. काफी मशक्कत के बाद लड़की के परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद लड़की के घरवालों ने लड़की को उसके प्रेमी के साथ पकड़ लिया और उसपर शादी करने का दबाव बनाया.
मंदिर में हो रही थी शादी : लड़की के परिजनों के दबाव में लड़का शादी करने के लिए तैयार हो गया. इसके बाद दोनों को दूल्हा-दुल्हन के रूप में तैयार कर दुर्गामंदिर लाया गया. इस बीच लड़के के परिजनों को इसकी जानकारी मिली. सूचना मिलते ही लड़के के पिता सहित अन्य परिजन दुर्गा मंदिर पहुंच गये और विवाह रोकने का प्रयास किया. इस बीच दोनों पक्ष में विवाद हो गया. इसी दौरान दुर्गामंदिर के समीप स्थित नाका की पुलिस वहां पहुंची व शादी रोकते हुए दोनों पक्ष को नगर थाना लेकर आयी. नगर थाने में लड़की पक्ष के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. इसमें पीड़िता ने शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी. दूसरी ओर लड़के के पिता ने लड़की के पिता सहित अन्य परिजनों के विरुद्ध बाल विवाह अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी.
कहते हैं थानाध्यक्ष : नगर थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेंदू ने बताया कि दोनों पक्ष की ओर से लिखित बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पूरा मामला प्रेम प्रसंग का है. पीड़िता को 164 के बयान व मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है.
