वेब कोल्ड से बेहाल हुए लोग, कारोबार पर भी पड़ रहा असर

कटिहार : वेब कोल्ड की वजह से जिले में लोगों की स्थिति खराब है. जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को भी घना कोहरा व बादल छाया रहा. इस दौरान न्यूनतम तापमान 07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सर्द पछिया हवा के बहने से स्थिति और भी गंभीर बन गयी है. दूसरी तरफ […]

कटिहार : वेब कोल्ड की वजह से जिले में लोगों की स्थिति खराब है. जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को भी घना कोहरा व बादल छाया रहा. इस दौरान न्यूनतम तापमान 07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सर्द पछिया हवा के बहने से स्थिति और भी गंभीर बन गयी है. दूसरी तरफ जिला प्रशासन द्वारा की गयी अलाव की व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है.

शहरी क्षेत्र में भी अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से फुटपाथ दुकानदार, रिक्शा चालकों, फुटपाथ पर रहने वाले लोगों व अन्य राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है. आवंटित राशि के अनुसार से ही अलाव की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है. जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों को भी इस मामले में आगे आना चाहिए. इससे अत्यंत जरुरतमंद लोगों को इस भीषण ठंड में बचाया जा सके. भीषण ठंड की वजह से बच्चे, महिलाओं एवं बुजुर्गों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.

कोहरे एवं ठंड के बीच ट्रेनों का परिचालन भी यात्रियों को परेशानी पैदा कर रहा है. अधिकांश ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही है. जबकि ठंड की वजह से गर्म कपड़ों की दुकानों में भीड़ देखी जा रही है. हालांकि शहरी क्षेत्र के अधिकांश बाजारों में मंदी छायी हुई है. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. दोपहर दो-तीन बजे के बाद ही थोड़ी बहुत चहल-पहल होती है.

अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं : शीतलहर और ठंड से बचाने का प्रमुख साधन अलाव होता है. अलाव से खासकर अत्यंत गरीब तबके व फुटपाथ पर रहने वाले लोगों का बचाव होता है. पर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अलाव नहीं होने की वजह से ऐसे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. प्रशासनिक स्तर से थोड़ी बहुत अलाव की व्यवस्था कर औपचारिकता निभा दी गई है. अब जनप्रतिनिधि व सामाजिक संगठनों को भी आगे आना चाहिए.
आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे भी परेशान : डीएम के निर्देश पर प्रारंभिक विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य को स्थगित कर दिया गया है. पर आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे छोटे बच्चे को ठंड से परेशानी हो रही है. राज्य सरकार के निर्देश पर हां आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन दिन के 12 से 2 बजे तक किया गया है.
लेकिन जिले में जिस तरह का वेब कोल्ड व ठंड की स्थिति है. उससे बच्चों को घर से निकलना मुश्किल हो रहा है. उल्लेखनीय है कि आंगनवाड़ी केंद्र में भी गरीब तबके के बच्चे ही विद्यालय पूर्व शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते है. ऐसे बच्चों के पास पर्याप्त गरम कपड़ा भी नहीं होता है. इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो बच्चे इन दिनों आंगनवाड़ी केंद्र जा रहे है. उस की क्या स्थिति होती होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >