पहल . ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव पहुंचे, डीएम के साथ की बैठक
नीति आयोग द्वारा चिह्नित जिलों में तैनात अधिकारियों की निगरानी व देखरेख में ही जिलों के विकास का एक्शन प्लान बनाया जायेगा तथा उसके क्रियान्वयन को लेकर पहल की जायेगी.
कटिहार : न्यू इंडिया 2022 के तहत कटिहार जिले की कार्य योजना एवं जिले के समुचित विकास को गति देने को लेकर संभावनाएं तलाशने के लिए मंगलवार को नीति आयोग की ओर से केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अमित कुमार तिवारी कटिहार पहुंचे. जिले में आवश्यकता आधारित सेक्टरों को चिह्नित करने व केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित विकास के मानकों पर जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र से विस्तार से बातचीत की.
समाहरणालय के सभाकक्ष में इस उद्देश्य को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए नीति आयोग से कटिहार में प्रतिनियुक्त अधिकारी श्री तिवारी ने कहा कि कटिहार सहित देश के कई पिछड़े जिलों को नीति आयोग ने विकास की गति तेज करने के उद्देश्य से चिह्नित किया है. उनका यह दौरा व बैठक इसी उद्देश्य को लेकर है कि कटिहार जिले के किन-किन क्षेत्रों में विशेष फोकस करने की जरूरत है. इससे यहां के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके एवं देश के सकल घरेलू उत्पाद के सूचकांकों में जिले का भी बेहतर योगदान हो सके. उल्लेखनीय है कि नीति आयोग ने देश के 155 जिले को पिछड़े जिलों में शामिल किया है.
नीति आयोग की कोशिश है कि पिछड़े जिलों को मुख्यधारा में लाने के लिए समग्र रूप से योजना बनायी जाये. यही उद्देश्य है कि नीति आयोग द्वारा चिन्हित सभी पिछड़े जिलों में केंद्रीय स्तर के भारतीय प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों की तैनाती की गयी है. नीति आयोग द्वारा तैनात अधिकारियों की निगरानी व देखरेख में ही एक्शन प्लान बनायी जायेगा तथा उसके क्रियान्वयन को लेकर पहल की जायेगी.
नदी व कृषि आधारित योजना पर हो विशेष फोकस
बैठक में जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने जिले के प्रमुख भौगोलिक स्थितियों, प्राकृतिक परिस्थितियों, आपदा के दौरान जिले की स्थिति एवं जिले के विकास के लिये भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दो बड़ी नदियां महानंदा एवं गंगा इस जिले से होकर गुजरती है. इसके अलावा कोसी एवं रीगा नदी की धाराएं भी यहां से गुजरती है. नदी पर्यटन के लिए इस जिले में बेहतर संभावनाएं है. कटिहार एक कृषि प्रधान जिला है.
जूट, मक्का, मखाना, केला आदि फसलों की यहां अच्छी पैदावार होती है. उन्होंने कहा कि एग्रो आधारित खाद्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना के लिये सामग्रियां एवं मानव संसाधन यहां उपलब्ध हो सकते है. उन्होंने भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री तिवारी को जानकारी देते हुए कहा कि आपदा प्रवण जिला होने के नाते प्रत्येक वर्ष बाढ़ के कारण यहां के लोगों का जीवन प्रभावित होता रहता है. उसके स्थायी समाधान के लिये निर्णय लेने की आवश्यकता है. कटिहार में बंद पड़ी जूट मिल के पुनर्जीवन के बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला.
समग्र विकास को लेकर बनेगा एक्शन प्लान
संयुक्त सचिव ने कहा कि यह प्राथमिक बैठक है. जिला प्रशासन द्वारा जिला कार्य योजना तैयार की जा रही है. केंद्र सरकार ने भी इस मामले में अपने मानक तैयार किए हैं. इसके आलोक में इसका अंतिम प्रतिवेदन तैयार किया जाना है. चूंकि यह जिला आपदा प्रवण जिला है. इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि जिला आपदा प्रबंधन की ओर से स्थानीय बाढ समस्याओं पर आधारित एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार हो. शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं स्थानीय प्राकृतिक संपदा पर आधारित उद्योग एवं पर्यटन स्थलों का विकास हो. इसकी एक विस्तृत रूपरेखा एवं प्राक्कलन प्रतिवेदन तैयार की जानी है. उन्होंने बताया कि आगामी फरवरी 2018 में इस संबंध में पुनः समीक्षा बैठक आयोजित होगी.
जिलेवासियों से लिया जायेगा फीडबैक
बैठक के दौरान संयुक्त सचिव अमित कुमार तिवारी ने जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिला कार्य योजना बनाने में जिले के लोगों का फीडबैक भी लेना आवश्यक है. इसके लिए एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर यहां के आम नागरिक का भी फीडबैक प्राप्त किया जाय. बेहतर सुझाव देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा. बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त अमित कुमार पांडेय द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान का विस्तार से प्रकाश डाला गया एवं आवश्यक जानकारी दी गयी. बैठक में नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, डीआरडीए के निदेशक, जिला स्तरीय सभी पदाधिकारीगण एवं कार्य प्रमंडल के सभी अभियंतागण उपस्थित थे.
