अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को आइना दिखा रही ये सड़क

कटिहार : कटिहार-सेमापुर सड़क के बालू घाट पुल से हवाई अड्डा तक जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर परिचालन बंद हो गया है. सड़क पर बड़े-बड़े गढ्ढों के बीच कीचड़ से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. यह सड़क प्रशासनिक उदासीनता व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार होकर वर्षों से पड़ी हुई है. यहां के […]

कटिहार : कटिहार-सेमापुर सड़क के बालू घाट पुल से हवाई अड्डा तक जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर परिचालन बंद हो गया है. सड़क पर बड़े-बड़े गढ्ढों के बीच कीचड़ से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. यह सड़क प्रशासनिक उदासीनता व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार होकर वर्षों से पड़ी हुई है. यहां के स्थानीय लोगों का हाल यह है कि घर से इनका निकलना मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक, मेयर, डीएम यहां तक की मंत्री तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क को बनाने की दिशा में किसी प्रकार की पहल नहीं की गयी है. हां आश्वासन हर तरफ से लगातार पांच वर्षों से मिल रहा है. बरसात का समय आते ही यहां के लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है.
यह स्थिति किसी गांव की नहीं है, बल्कि जिला मुख्यालय की सड़क की है. बरसों पहले कच्ची सड़क पर ईट सोलिंग कराया गया था. आश्चर्य की बात यह है कि नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाली इस सड़क पर निगम की नजरें क्यों नहीं पड़ती है. वार्ड संख्या 41 एवं 42 के बीच शरीफगंज नया टोला होकर गुजरने वाली इस सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि इनकी गिनती मुमकिन नहीं है. सड़क के ज्यादातर हिस्से और इसके दोनों किनारे जल जमाव के कारण लबालब कीचड़ भरा हुआ है. खासतौर पर मुख्य सड़क से बस्ती में घुसने वाले मोड़ पर जलजमाव के कारण सड़क तालाब का रूप ले चुकी है. सड़क को देख कर तो यकीन ही नहीं होता कि यह कटिहार शहर का ही एरिया हैं. बल्कि इसे देख कर पिछले दशकों के कुछ स्लम बस्तियों की याद आ जाती है.

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