उर्दू हमारी सांस्कृतिक विरासत है, इसे संजोना हम सबकी है जिम्मेदारी : डीडीसी

दो दिवसीय उर्दू सेमिनार, मुशायरा व वाद विवाद कार्यशाला का आयोजन

दो दिवसीय उर्दू सेमिनार, मुशायरा व वाद विवाद कार्यशाला का आयोजन भभुआ. उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार सरकार के निर्देश पर उर्दू भाषा कोषांग की ओर से जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित लिच्छवी भवन में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, मुशायरा व वाद-विवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर करिश्मा कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ व जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि उर्दू हमारी सांस्कृतिक विरासत है, जिसे संजोने व निखारने की जिम्मेदारी हम सब की बनती है. सभी के सहयोग से इस भाषा को और अधिक सशक्त व व्यापक बनाया जा सकता है. उन्होंने उर्दू भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके प्रचार-प्रसार व संवर्धन के लिए हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए. कार्यक्रम में मंच संचालन कर रहे लोकप्रिय शायर शंकर कैमूरी, शराफत नाज, नसीमा नसीम, तबारक हुसैन, सरोज कुमार, कुतुबुद्दीन तन्हा सहित अन्य शायरों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. शायरों की शायरी, गजलों व शेरों की श्रोताओं ने जमकर सराहना की. यह दो दिवसीय कार्यक्रम है, जिसका समापन आज उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ होगा. कार्यक्रम के दौरान जिले के गणमान्य नागरिक, उर्दू प्रेमी व प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

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Author: VIKASH KUMAR

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