Kaimur News : चांद प्रखंड अंतर्गत चौरी गांव स्थित दो हाईस्कूल परिसर में बारिश का पानी जमा होने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की परेशानी बढ़ गयी है. विद्यालय परिसर के साथ आसपास के रास्तों में भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. बारिश के बाद हालात और गंभीर हो जाते हैं. विद्यार्थियों को पानी से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और जूते गंदे होने के साथ फिसलने और गिरने का खतरा भी बना रहता है.
पानी से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे
बारिश के दौरान विद्यालय परिसर में पानी जमा रहने के कारण बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. स्कूल आने-जाने के दौरान विद्यार्थियों को जलजमाव वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है. इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. शिक्षकों को भी विद्यालय पहुंचने और परिसर में आवागमन करने में परेशानी हो रही है.
पांच साल पहले बने भवन में जलनिकासी का संकट
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय भवन का निर्माण हुए अभी करीब पांच वर्ष ही हुए हैं. इतने कम समय में परिसर में जलजमाव की समस्या सामने आने से निर्माण कार्य और जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण के दौरान ही बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी.
नाला नहीं होने से परिसर में जमा हो रहा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय परिसर से बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नाला या अन्य निकासी मार्ग नहीं है. यही वजह है कि बारिश का पानी निकलने के बजाय परिसर में ही जमा हो जाता है. लगातार बारिश होने पर जलजमाव की समस्या और गंभीर हो जाती है. लंबे समय तक पानी जमा रहने से परिसर में गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बनने की आशंका भी रहती है.
अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने भी जलजमाव को लेकर चिंता जतायी है. उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल में विद्यालय पहुंचना चाहिए, लेकिन रास्ते और परिसर में पानी जमा रहने से हर दिन परेशानी बनी रहती है. जलजमाव के कारण बच्चों के गिरने और चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है.
भवन को नुकसान पहुंचने की भी आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक विद्यालय परिसर में पानी जमा रहने से न सिर्फ गंदगी और दुर्गंध की समस्या पैदा हो सकती है, बल्कि भवन को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है. विद्यालय बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए यहां जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है.
प्रशासन से स्थायी जलनिकासी की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर जलजमाव की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान महज अस्थायी रूप से पानी निकालने से समस्या का समाधान नहीं होगा. इसके लिए विद्यालय परिसर से बारिश के पानी की निकासी हेतु उचित नाला या अन्य स्थायी व्यवस्था करनी होगी.
निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग
ग्रामीणों ने विद्यालय भवन के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जब भवन बने हुए अभी करीब पांच वर्ष ही हुए हैं और परिसर में जलजमाव की समस्या सामने आ गयी है, तो इसके कारणों की जांच होनी चाहिए. अब ग्रामीणों और अभिभावकों की नजर संबंधित विभाग एवं प्रशासन की कार्रवाई पर है. लोगों को उम्मीद है कि विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाकर विद्यालय परिसर को जलजमाव से मुक्त कराया जायेगा.
