अधौरा में पशुपालकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण आज से

पशुपालकों को दी जायेगी आधुनिक तकनीक की जानकारी, -पशु रोग पहचान, टीकाकरण और प्राथमिक उपचार पर दिया जायेगा प्रशिक्षण

फोटो 26 कृषि प्रशिक्षण केंद्र अधौरा -पशु रोग पहचान, टीकाकरण और प्राथमिक उपचार पर दिया जायेगा प्रशिक्षण

– लंपी स्किन डिजीज, खुरपका-मुंहपका और डेयरी प्रबंधन पर होंगे विशेष सत्र

भभुआ शहर.

जिले के प्रत्येक प्रखंड क्षेत्र से चयनित किसान-पशुपालक आज से अधौरा में शुरू हो रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालकों को प्रशिक्षित करना है. पशुपालकों को पशु रोग, स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक पद्धतियों की जानकारी देकर सक्षम बनाया जायेगा, ताकि वे अपने स्तर पर पशुओं की देखभाल कर सकें और बीमारियों से होने वाले नुकसान को रोक सकें. चयनित पशुपालकों को पशु रोग की पहचान, टीकाकरण की प्रक्रिया, रोगों की रोकथाम और प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी. साथ ही पशुओं के पोषण, स्वच्छता, रख-रखाव और वैज्ञानिक पद्धति से पालन-पोषण पर विशेषज्ञों द्वारा विशेष सत्र आयोजित होंगे. प्रशिक्षक डॉ राहुल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में लंपी स्किन डिजीज, खुरपका, मुंहपका और गलघोंटू जैसी गंभीर बीमारियों पर विशेष चर्चा होगी. इसके अलावा दूध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और डेयरी प्रबंधन पर भी विस्तृत जानकारी दी जायेगी. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का मकसद सिर्फ पशुपालकों को ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें अपने गांव के अन्य लोगों को भी जागरूक करने के लिए तैयार करना है. इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से चयनित 22 पशुपालक हिस्सा ले रहे हैं. प्रशिक्षण के पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >