वीर कुंवर सिंह का जीवन आज भी देशभक्ति व साहस का अद्भुत उदाहरण : डॉ पुनीत

संजीवनी पब्लिक स्कूल में गूंजी वीर कुंवर सिंह की वीरता की गाथा, जयंती पर दी गयी श्रद्धांजलि

संजीवनी पब्लिक स्कूल में गूंजी वीर कुंवर सिंह की वीरता की गाथा, जयंती पर दी गयी श्रद्धांजलि मोहनिया शहर. स्थानीय प्रखंड के घेंघिया स्थित संजीवनी पब्लिक स्कूल परिसर में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर कुंवर सिंह की जयंती श्रद्धा व सम्मान के साथ मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमुहार के प्राचार्य प्रो डॉ पुनीत कुमार सिंह द्वारा वीर कुंवर सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर की गयी. इस अवसर पर प्रो सिंह ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वीर कुंवर सिंह का जीवन आज भी देशभक्ति व साहस का अद्भुत उदाहरण है. उन्होंने बताया कि 80 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया व ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई महत्वपूर्ण लड़ाइयों में विजय प्राप्त की. जीवन के अंतिम क्षण तक उन्होंने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया. उन्होंने वीरता की उस घटना का भी उल्लेख किया जब बक्सर के समीप गंगा पार करते समय अंग्रेजी सेना की गोली उनके बांह में लगी, तो उन्होंने अपने घायल हाथ को स्वयं काटकर मां गंगा को समर्पित कर दिया. यह घटना उनके अदम्य साहस व देशप्रेम को दर्शाती है. कार्यक्रम में उनके शौर्य व योगदान को याद करते हुए बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में संसद भवन में उनका तैलचित्र स्थापित किया गया. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने पटना के आर-ब्लॉक चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करायी. इसके अलावा वर्ष 1992 में उनके नाम पर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी तथा जगदीशपुर स्थित उनके किले का जीर्णोद्धार कराया गया. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े विचार प्रस्तुत किये व वीर कुंवर सिंह के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.

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Author: VIKASH KUMAR

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