kaimur News : प्रभात इंपैक्ट : अब रात में भी ड्यूटी के दौरान सदर अस्पताल में ही रहेंगी महिला चिकित्सक

मंगलवार की रात महिला चिकित्सक नहीं रहने पर हुआ था हंगामा, अब तक रात में ड्यूटी के दौरान घर पर ऑन कॉल रहा करतीं थी महिला डॉक्टर

भभुआ कार्यालय. सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में मंगलवार की रात महिला चिकित्सक नहीं रहने पर प्रसव के लिए आयी महिला के परिजनों के द्वारा किये गये हंगामें के बाद अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि अब रात में भी महिला चिकित्सक ड्यूटी के दौरान अस्पताल में ही तैनात रहेंगी. इससे पहले अभी तक यह नियम था कि रात में महिला चिकित्सक ड्यूटी के दौरान ऑन कॉल अपने घर पर रहेंगी. ऑन कॉल का मतलब होता है कि जब कोई मरीज रात में आये और उसके इलाज के लिए चिकित्सक की जरूरत हो, तो जिस महिला चिकित्सक की ड्यूटी रहती थी उसे प्रसव वार्ड में तैनात नर्सों द्वारा फोन किया जाता था और उन्हें अस्पताल में आकर उक्त महिला मरीज का ऑपरेशन या इलाज करना होता था. लेकिन, मंगलवार की रात यह देखा गया कि दुर्गावती प्रखंड के कर्णपुरा पिपरा गांव से प्रसव के लिए चंदन तिवारी की पत्नी प्रिया कुमारी जब सदर अस्पताल पहुंची, तो वहां पर कोई भी चिकित्सक ड्यूटी में मौजूद नहीं था. लगभग दो से तीन घंटे तक चिकित्सक के नहीं रहने के कारण मरीज तड़पती रही. इसके बाद परिजनों द्वारा अस्पताल में हंगामा किया गया था. इसके बाद भी जब चिकित्सक नहीं आयी, तो अपने स्थानीय विधायक रामगढ़ के अशोक कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को मरीज के परिजनों द्वारा फोन किया गया. हंगामा की सूचना मिलने पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर विनोद कुमार डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल सहित अन्य लोग जब सदर अस्पताल पहुंचे, तब किसी तरह हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया और महिला चिकित्सक को सूचना दे उन्हें बुलवाया गया. जब महिला चिकित्सक आयी, तो उनके द्वारा उक्त मरीज सहित तीन अन्य तीन मरीजों को भी रेफर कर दिया गया. इधर, महिला चिकित्सक को बुलाने के लिए जब अस्पताल उपाधीक्षक ने फोन किया तो, अस्पताल उपाधीक्षक के मुताबिक महिला चिकित्सक ने यह कहा कि जब आप यहां रहेंगे, तभी मैं यहां रात में ड्यूटी करूंगी. इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने एवं हंगामा होने के बाद अस्पताल उपाधीक्षक ने प्रभात खबर में उक्त मामला प्रमुखता से गुरुवार के अंक में ””रात में डॉक्टर नहीं रहने से फूटा गुस्सा, परिजनों ने किया हंगामा”” शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद यह आदेश निकाला है कि अब महिला चिकित्सक रात में भी ड्यूटी के दौरान अस्पताल में ही रहेंगी. साथ ही उनके रात में ठहरने के लिए अस्पताल प्रशासन के द्वारा कमरे की भी व्यवस्था कर दी गयी हैं, जहां वह रात्रि में ड्यूटी के दौरान ठहरेंगी. बहस करने पर अस्पताल उपाधीक्षक में सिविल सर्जन को करवाई के लिए भेजी रिपोर्ट अस्पताल के कर्मियों के बुलाई जाने पर ड्यूटी के दौरान रात में अस्पताल नहीं आने और इसे लेकर पूछे जाने पर उपाधीक्षक से बहस करने को लेकर महिला चिकित्सक डॉक्टर मनीष नारायण के खिलाफ अस्पताल की उपाधीक्षक डॉक्टर विनोद कुमार सिंह के द्वारा कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन को रिपोर्ट भेजी गयी है़ उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि डॉ नारायण कर्तव्य के दौरान अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थी़ अस्पताल के कर्मियों द्वारा उन्हें बार-बार फोन किया जा रहा था, लेकिन वह अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुई और जब उन्हें इसे लेकर पूछा गया, तो उन्होंने अस्पताल उपाधीक्षक से ही कहा कि आप हमें सुरक्षा उपलब्ध कराइए और जब आप स्वयं अस्पताल में रहेंगे, तब मैं यहां रहूंगी़ अपने उच्चधिकारी से बहस करने कर्तव्यहीनता व मनमानी करने को लेकर कार्रवाई करने के लिए सिविल सर्जन को रिपोर्ट भेजी गयी है. इनसेट सिविल सर्जन ने महिला चिकित्सक से किया जवाब तलब भभुआ कार्यालय मंगलवार की रात में प्रसव वार्ड में महिला चिकित्सक के नहीं रहने के कारण प्रसव के लिए आयी महिलाओं के परिजनों द्वारा किये गये हंगामे की खबर प्रभात खबर में प्रमुखता से प्रकाशित होने एवं अस्पताल उपाधीक्षक के द्वारा डॉ मनीष नारायण के खिलाफ रिपोर्ट भेजे जाने के बाद सिविल सर्जन डॉ चंदेश्वरी रजक ने महिला चिकित्सक से उक्त मामले में जवाब तलब किया है़ उनके द्वारा जारी स्पष्टीकरण के पत्र में किया कहा गया है कि मंगलवार की रात प्रसव के लिए आयी महिला का इलाज के लिए अस्पताल के कर्मियों के द्वारा बार-बार फोन किया गया, लेकिन आप अस्पताल में उपस्थित नहीं हुई़ इस कारण परिजनों ने हंगामा किया़ जब इसकी सूचना अस्पताल के वरीय अधिकारियों को मिली और उनके द्वारा आपको बुलवाया गया, तो उनके साथ भी आपने बहस एवं अनुशासनहीनता की़ जो स्पष्ट रूप से आपकी लापरवाही को दर्शाता है़ उक्त मामले में आप अपना स्पष्टीकरण दे की, क्यों नहीं आपके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए विभाग को लिख दिया जाये. क्या कहते हैं सिविल सर्जन इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉक्टर चंदेश्वरी रजक ने कहा कि मंगलवार की रात सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में महिला चिकित्सक के नहीं रहने के कारण हंगामा मामले में अस्पताल उपाधीक्षक के द्वारा रिपोर्ट की गयी है़ महिला चिकित्सक के नहीं रहने के कारण हंगामा हुआ. वहीं, अस्पताल उपाधीक्षक के मुताबिक ड्यूटी में तैनात महिला चिकित्सक डॉ मनीषा नारायण के द्वारा अनुशासनहीनता भी किया गया. जिसे लेकर उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी है. स्पष्टीकरण का जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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