राज्य शिक्षा निदेशक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए जारी किया निर्देश
समय पर उपस्थिति और अनुशासन पर विशेष जोर
भाभुआ नगर.
राज्य शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़े निर्देश जारी किये गये हैं.जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना वैध कारण के अपने कार्यालय या निर्धारित सीट को नहीं छोड़ेगा. विभाग ने यह कदम कार्य संस्कृति में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया है. आदेश के अनुसार, कार्यालय समय के दौरान अनुपस्थित पाये जाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. विभाग की ओर से इससे यह संदेश देने की कोशिश की गयी है कि कार्य में लापरवाही अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जायेगी.लंच ब्रेक और उपस्थिति नियमों का कड़ाई से पालन
निदेशक के निर्देश में समय पर कार्यालय पहुंचने और उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य कर दिया गया है. सभी कर्मचारियों को अपने निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहना होगा और कार्य अवधि के दौरान अपनी सीट पर बने रहना होगा. इसके साथ ही लंच ब्रेक को अधिकतम 30 मिनट तक सीमित कर दिया गया है. इससे पहले कई कार्यालयों में लंच ब्रेक का समय अनियंत्रित रहता था, जिससे काम प्रभावित होता था. अब इस नियम के तहत कर्मचारियों को तय समय सीमा के भीतर ही भोजनावकाश लेना होगा और समय समाप्त होते ही अपने कार्यस्थल पर लौटना होगा. इससे कार्यालय के कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी.अनुपस्थिति पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना उचित कारण के अपनी सीट से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी. इसमें चेतावनी, वेतन कटौती या अन्य प्रशासनिक दंड शामिल हो सकते हैं. विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जायेगा, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके. इस कदम से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जतायी जा रही है. इस सख्त निर्देश के लागू होने से शिक्षा विभाग में अनुशासन और कार्यकुशलता में सुधार होने की संभावना है. साथ ही, यह निर्णय कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक जिम्मेदार और सजग बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
