Kaimur News: (रामगढ़ से रंजय जायसवाल) जिले के रामगढ़ में हुए चर्चित कृष्ण मुरारी गुप्ता परिवार हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद जो खुलासे सामने आए हैं उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. मामले में आरोपित दोनों भाइयों की क्रूरता और शातिराना साजिश को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश, घृणा और नफरत देखी जा रही है.
दिनदहाड़े हत्या, रात में सूटकेस और बोरियों में भरकर ठिकाने लगाए शव
पुलिस जांच के अनुसार सात मई को दिनदहाड़े पूरे परिवार की हत्या करने के बाद आरोपितों ने शवों के टुकड़े किए. इसके बाद रात के अंधेरे में शवों के हिस्सों को सूटकेस और बोरियों में भरकर स्कूटी से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग चार स्थानों पर फेंका गया. इस दौरान गांव के एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपितों की गतिविधियां कैद हो गईं, जिसकी फुटेज पुलिस ने बरामद कर ली है.
नदी, नहर और झाड़ियों में फेंके गए शव के टुकड़े
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपितों ने पहले दो नीले रंग के सूटकेस में कटे हुए हाथ और एक बच्चे का शव भरकर घर से करीब छह किलोमीटर दूर रामगढ़-मोहनिया पथ स्थित पठसेरवा नदी पुल के नीचे दुर्गावती नदी में फेंका. इसके बाद दोनों फिर घर लौटे और दो बोरियों में कृष्ण मुरारी तथा दुर्गेश के शव रखकर करीब पांच किलोमीटर दूर कर्मनाशा नहर पथ पर अभैदे गांव के समीप झाड़ियों में फेंक दिए .
बच्चों और माता-पिता के सिर भी अलग-अलग जगहों पर फेंके
इतना ही नहीं, आरोपितों ने चारों कटे सिरों को भी अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाया. कृष्ण मुरारी और उनकी पत्नी दुर्गेश के सिर अकोढ़ी पेट्रोल पंप के पहले सड़क किनारे झाड़ियों में फेंके गए, जबकि दोनों बच्चों कृति और अंश के सिर वहां से करीब एक किलोमीटर आगे अकोढ़ी नदी में फेंक दिए गए.
पुलिस भी शुरुआती जांच में उलझी
शवों को अलग-अलग स्थानों पर फेंकने की वजह से पुलिस शुरुआती जांच में काफी उलझी रही. जांच अधिकारियों का मानना है कि पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, जिससे पुलिस को गुमराह किया जा सके. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है.
Also Read: दाउदनगर के भखरुआं मोड़ पर फिर लौटा जाम का झाम, नो इंट्री व्यवस्था हुई फेल, राहगीर घंटों रहे परेशान
