Raksha Bandhan : भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन आज यानी शुक्रवार को पूरे उत्साह के साथ भभुआ में मनाया जायेगा. रक्षाबंधन के साथ सावन का अंतिम दिन भी है. त्योहार को लेकर भभुआ शहर के बाजारों में गुरुवार को दिनभर चहल-पहल रही. रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद राखी, मिठाई, कपड़े और उपहारों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचे.
पंडित उपेंद्र तिवारी व्यास के अनुसार, आज यानी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से 1 बजकर 5 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में भी भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है.
बाजार में दिखी त्योहार की रौनक
रक्षाबंधन को लेकर एकता चौक, पटेल चौक, कचहरी रोड, पुराना बाजार और पश्चिम बाजार में दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही. महिलाएं और युवतियां अपनी पसंद की राखियां और अन्य सामान खरीदती नजर आयीं.
दूर-दराज रहने वाली बहनों के लिए भाई भी बाजार पहुंचे. कई लोगों ने राखी के साथ कपड़े और गिफ्ट की खरीदारी की, ताकि त्योहार के मौके पर बहनों को उपहार भेज सकें.
बारिश के बीच लगता रहा जाम
गुरुवार को रुक-रुककर बारिश होती रही, लेकिन इसका असर खरीदारी पर ज्यादा नहीं दिखा. बाजार में भीड़ बढ़ने के कारण एकता चौक, जेपी चौक और पटेल चौक की सड़कों पर बार-बार जाम की स्थिति बनती रही.
लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी समय लग रहा था. इसके बावजूद त्योहार की खरीदारी को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ.
मिठाई दुकानों पर भी बढ़ी भीड़
रक्षाबंधन को लेकर मिठाई दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही. लोग भाई-बहन के लिए अलग-अलग तरह की मिठाइयां खरीदते नजर आये. दुकानदारों के अनुसार इस बार लड्डू और बर्फी की मांग सबसे अधिक रही. कई लोग मिठाई के साथ पैकिंग कराकर अपने रिश्तेदारों के घर भी भेजते दिखे.
स्वदेशी राखियों की तरफ बढ़ा रुझान
शहर में जगह-जगह राखियों की अस्थायी दुकानें लगायी गयी हैं. बाजार में सस्ती देशी राखियों से लेकर महंगी और आकर्षक डिजाइन वाली राखियां उपलब्ध हैं.
कुछ दुकानदारों के पास पिछले साल की राखियों का स्टॉक भी था, लेकिन इस बार ग्राहकों ने इन राखियों में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई. खासकर शिक्षित वर्ग की महिलाओं ने स्वदेशी राखियों को प्राथमिकता दी.
सोने-चांदी की राखियां भी बनी पसंद
इस बार बाजार में सोने और चांदी की कोटेड राखियां भी उपलब्ध हैं. सोने-चांदी की दुकानों के खुलने के बाद इन राखियों की भी बिक्री हुई.
वहीं, आम ग्राहकों के लिए कम कीमत वाली देशी राखियों की मांग बनी रही. इस तरह बाजार में हर बजट के हिसाब से राखियां उपलब्ध हैं और बहनें अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर रही हैं.
रक्षाबंधन को लेकर भभुआ शहर का बाजार गुरुवार को पूरी तरह त्योहार के रंग में नजर आया. आज बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी.
