Bihar Tourism : भभुआ. कैमूर जिले के विश्व प्रसिद्ध और देश के प्राचीनतम शक्तिपीठों में शामिल मां मुंडेश्वरी धाम में मंगलवार को हेलीकॉप्टर टूरिज्म की औपचारिक शुरुआत हो गई. पहली बार हेलीकॉप्टर मंदिर परिसर के समीप बने हेलीपैड पर उतरा. इस पहली उड़ान में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार, डॉ. के. के. मोहम्मद, शारदा सान्याल समेत अन्य अधिकारी सवार थे. अधिकारियों ने मां मुंडेश्वरी के दर्शन-पूजन के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया.
हेलीकॉप्टर देखने उमड़ी लोगों की भीड़
मुंडेश्वरी की पहाड़ियों पर पहली बार हेलीकॉप्टर उतरने की खबर मिलते ही आसपास के गांवों और भभुआ क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा. जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और हेलीपैड से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस बल तैनात रहा.
13 जुलाई को प्रस्तावित थी शुरुआत, अब हुआ शुभारंभ
हेलीकॉप्टर सेवा (Bihar Tourism) की शुरुआत पहले 13 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था. मंगलवार को पहली सफल उड़ान के साथ यह योजना धरातल पर उतर गई. इससे कैमूर के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
पटना से 6 हजार रुपये में कर सकेंगे हवाई यात्रा
पर्यटन विभाग के अनुसार पटना से मां मुंडेश्वरी धाम तक हेलीकॉप्टर सेवा का किराया लगभग 6 हजार रुपये रखा गया है. श्रद्धालु पर्यटन विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे. सड़क मार्ग की तुलना में यह सेवा कम समय में यात्रा पूरी कराएगी, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी.
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से बिहार ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक मुंडेश्वरी धाम पहुंचेंगे. इससे होटल, परिवहन, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प, गाइड और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी सीधा लाभ मिलेगा. स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कैमूर के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया.
विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करना नहीं, बल्कि मां मुंडेश्वरी धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है. इसके लिए सड़क, पार्किंग, पर्यटक सुविधा केंद्र, संकेतक, स्वच्छता और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास
विकास आयुक्त ने बताया कि सरकार मां मुंडेश्वरी धाम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में भी गंभीर प्रयास कर रही है. साथ ही मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन अवशेषों और शिल्पों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मानकों के अनुरूप संरक्षण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बनारस-कोलकाता एक्सप्रेसवे से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुंडेश्वरी धाम, तेलहार कुंड और करकटगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों के विकास से कैमूर में धार्मिक और इको टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी.
