kaimur News : छात्रों के नामांकन के लिए निकली गयी ऑनलाइन लॉटरी

कल्याण विभाग से संचालित सात आवासीय विद्यालयों में खाली रह गयीं थी सीटें, चयनित वर्ग दो से 5वीं के छात्रों का विद्यालय में होगा नामांकन

भभुआ नगर. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग से संचालित जिले के सात आवासीय विद्यालयों में नामांकन से वंचित व छीजन से नामांकन के लिए सीटें खाली रह गयी थीं. इसके बाद कक्षा 2,3,4 व 5वीं में छात्रों के नामांकन के लिए मंगलवार को शहर के लिच्छवी भवन में ऑनलाइन लॉटरी निकाली गयी. लॉटरी कार्यक्रम को पूरी तरह से पारदर्शी रखने के लिए पटना से भी लाइव कार्यक्रम देखा जा रहा था. सभी छात्र व अभिभावक भी ऑनलाइन प्रक्रिया को लाइव देख सकें, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गयी थी़ ताकि नामांकन में कोई गड़बड़ी न हो और नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शित तरीके से संपन्न हो सके.

दरअसल जिले के कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शीता के साथ ली जाती है. वहीं, नामांकन एवं छीजन केे बाद खाली रह गयी सीटों पर छात्रों के नामांकन के लिए लॉटरी पद्धति अपनायी गयी. ताकि नामांकन में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो. नामांकन की प्रक्रिया के लिए डीएम द्वारा तैनात किये गये पर्यवेक्षक के मौजूदगी में ही छात्रों को बारी-बारी से बुलाकर डब्बे में से पर्ची निकली गयी व लॉटरी में जिन छात्रों का नाम आया, इन सभी छात्रों का विद्यालय में नामांकन लेने के लिए कल्याण विभाग से सूची का प्रकाशन किया गया.

कल्याण विभाग से जिले में नौ आवासीय विद्यालय हैं संचालित

कल्याण विभाग से जिले में नौ आवासीय विद्यालय संचालित हैं. इनमें अधौरा प्रखंड में देवरी, कोल्हुआ, बड़गांव खुर्द, आथन व सडकी, चैनपुर प्रखंड में सेमरा व तो भभुआ एवं कुदरा में एक एक विद्यालय संचालित होते हैं. हालांकि, राज्य भर में 80 आवासीय विद्यालय संचालित होते हैं, जबकि 13 नये आवासीय विद्यालय प्रस्तावित हैं. कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के बच्चे नामांकन ले सकते हैं.

भोजन से लेकर आवास तक की मिलती है सुविधा

कल्याण विभाग से संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को भोजन से लेकर आवास तक की सुविधा सरकार द्वारा मुफ्त में दी जाती है. रहने व खाने के साथ-साथ किताब व ड्रेस की भी सुविधा सरकार देती है. इतना ही नहीं आवासीय विद्यालय में कंप्यूटर से लेकर अन्य तकनीकी शिक्षा भी दी जाती है. कल्याण विभाग से संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की निजी विद्यालय के तर्ज पर पढ़ाई की जाती है. इस दौरान मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी व छात्रों के अभिभावक सहित अन्य मौजूद रहे.

इन विद्यालय में नामांकन के लिए निकाली गयी लॉटरी

डॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, कुदराडॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, बड़ागांव खुर्दडॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, आथन

डॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, कोल्हूआ

डॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, सड़की

डॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, सेमरा

डॉ भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय, मसानी

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Author: PANCHDEV KUMAR

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