= अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सरकार ने लिया संज्ञान विवरण अपलोड नहीं करने वाले अधिकारी भी माने जायेंगे अनुपस्थित भभुआ. सरकार द्वारा निर्धारित जनसुनवाई दिवस पर सुनवाई के बाद इसका विवरण सरकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई की जायेगी. साथ ही जन सुनवाई कार्यक्रम में भाग नहीं लेने वाले अधिकारियों को उस दिन अनुपस्थित माना जायेगा. इधर, इस मामले को लेकर सूचना व जनसंपर्क विभाग कैमूर द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि उच्च स्तरीय समीक्षा में यह पाया गया है कि कुछ अधिकारी पोर्टल पर विवरण अपलोड नहीं कर रहे हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर जन सुनवाई का विवरण अपडेट नहीं करने वाले अधिकारियों को उस दिन अनुपस्थित माना जायेगा और उनके खिलाफ नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी. प्रेस नोट में कहा गया है कि पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री सचिवालय सीधे तौर पर यह देखता है कि किस जिले में कितनी समस्याओं के समाधान हेतु कार्रवाई की गयी है. गौरतलब है कि सरकार के निर्देश पर 19 जनवरी 2026 से जिले में नयी प्रशासनिक कार्य-व्यवस्था लागू की गयी है, जिसके तहत सभी सरकारी सेवकों को जिले में पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल सहित जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों को उपस्थित रह कर जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके और उन्हें बेवजह सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं काटना पड़े. इनसेट जनसुनवाई में 247 अधिकारियों ने 687 ग्रामीणों से किया संवाद भभुआ. सरकार के निर्देश पर चलाये जा रहे जनसुनवाई अभियान के तहत सोमवार को जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक अधिकारियों द्वारा जन सुनवाई कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें पदाधिकारियों द्वारा 687 ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना गया व समस्याओं के निष्पादन को ले अग्रेतर कार्रवाई की गयी. इधर सूचना व जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, जिला पदाधिकारी के जनसुनवाई में 16 आवेदन प्राप्त हुए. उसका नियमानुसार त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया. जबकि, ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराये गये जन सुनवाई कार्यक्रम में जिला मुख्यालय स्तर पर 29 अधिकारियों द्वारा 98 नागरिकों के साथ संवाद किया गया. इसी तरह जिले के कुल 11 प्रखंडों में 73 अधिकारियों ने 184 नागरिकों के साथ जनसुनवाई किया. सबसे व्यापक प्रभाव पंचायत स्तर पर देखा गया जहां 115 अधिकारियों ने 278 नागरिकों के साथ सीधा संपर्क करते हुए जनसंवाद कर उनकी समस्याओं को सुना. इधर, थाना स्तर से आयोजित किये गये जनसुनवाई कार्यक्रम में 11 पुलिस अधिकारियों द्वारा 31 नागरिकों की समस्याओं को सुना गया. इस तरह कुल मिलाजुला कर जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक 687 नागरिकों के साथ अधिकारियों ने संवाद किया.
नपेंगे जनसुनवाई का विवरण अपलोड नहीं करने वाले अधिकारी
विवरण अपलोड नहीं करने वाले अधिकारी भी माने जायेंगे अनुपस्थित
