Kaimur News : मानसून की बारिश शुरू होते ही भभुआ नगर परिषद के जलनिकासी और सफाई व्यवस्था के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं. लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण शहर के कई वार्डों और मोहल्लों में जलजमाव की स्थिति बन गई है. हालत यह है कि हल्की बारिश के बाद ही कई जगहों पर लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है.
एक घंटे की बारिश में कई मोहल्ले बने तालाब
सोमवार सुबह करीब एक घंटे हुई बारिश के बाद शहर के एकता चौक, अंबेडकर नगर, आजाद नगर गली नंबर-2, जायका गली सहित कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं. वार्ड संख्या 7, 8, 11, 12 और 15 समेत करीब एक दर्जन वार्डों में जलजमाव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
34 साल बाद भी नहीं बदली तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद के गठन के तीन दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शहर की जलनिकासी व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है. हर साल बारिश के दौरान नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है. इस बार भी मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन बारिश शुरू होते ही सभी दावे धरातल पर फेल साबित हो रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
शहर निवासी जनार्दन गुप्ता और शंकर सिंह ने आरोप लगाया कि नगर परिषद नई सड़कों के निर्माण पर तो ध्यान देती है, लेकिन जहां वर्षों से जलजमाव की समस्या है, वहां स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. उनका कहना है कि हर बारिश में लोगों को एक जैसी परेशानी झेलनी पड़ती है.
वार्ड पार्षद ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
वार्ड संख्या-11 की पार्षद प्रीति कुमारी ने कहा कि कई स्थानों पर सड़क नहीं होने और जलजमाव के कारण लोगों को भारी दिक्कत हो रही है. उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर जलजमाव वाले स्थानों की पहचान कर वहां राबिश और मिट्टी डलवाने तथा सफाई कार्य तत्काल कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
नगर परिषद ने सफाई अभियान जारी होने का किया दावा
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि बारिश के बीच भी शहर के नालों और नालियों की लगातार सफाई कराई जा रही है. जिन वार्डों में जलजमाव की समस्या अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नगर परिषद लगातार प्रयासरत है.
