यौन उत्पीड़न की रोकथाम व निवारण के लिए कानूनी प्रावधानों पर की गयी चर्चा भभुआ सदर. प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अनुराग के निर्देश पर रविवार को भगवानपुर प्रखंड के पहड़िया पंचायत में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम विशेष रूप से कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 विषय पर केंद्रित रहा. मुख्य वक्ता पैनल अधिवक्ता प्रभाकर दुबे ने महिलाओं की सुरक्षा संबंधी कानून पर बताया कि यह नियम न केवल सरकारी व निजी कार्यालयों में, बल्कि असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को भी सुरक्षा प्रदान करता है. उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति के गठन व शिकायत दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया. पीएलवी दीपक सिंह ने भी समाज में महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार किस प्रकार नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान करता है. कार्यक्रम में पहाड़िया पंचायत की मुखिया उषा देवी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना की और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया. प्राधिकार सचिव डॉ शैल ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर का उद्देश्य जिले के सुदूर क्षेत्रों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना है ताकि कोई भी महिला उत्पीड़न का शिकार न हो और उन्हें अपने कार्यस्थल पर भयमुक्त वातावरण मिल सके.
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के जागरूकता को लेकर लगा कानूनी शिविर
भगवानपुर प्रखंड के पहड़िया पंचायत में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
