कैमूर में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली: करोड़ों खर्च के बाद भी 16 साल से अधूरा पड़ा है हर्नाटांड़ स्कूल भवन, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर बच्चे

कैमूर जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति सामने आई है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, हर्नाटांड़ विद्यालय का भवन 16 वर्षों से अधूरा पड़ा है. बच्चे जान जोखिम में डालकर जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं.

Kaimur News: कैमूर (भभुआ) जिले में सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने, जर्जर भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन और बेंच-डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं. इसके बावजूद धरातल पर कई विद्यालयों की स्थिति बेहद दयनीय है. कहीं वर्षों से विद्यालय भवन का निर्माण अधूरा पड़ा है, तो कहीं बच्चे जान जोखिम में डालकर जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं.

16 साल से अधूरा पड़ा है हर्नाटांड़ विद्यालय का भवन

जिले के हर्नाटांड़ विद्यालय की स्थिति सरकारी तंत्र की घोर अनदेखी की जीती-जागती मिसाल है. यहां करीब 16 वर्षों से विद्यालय भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है. भवन पूरा न होने के कारण गांव के छोटे-छोटे मासूम बच्चों को रोजाना दो किलोमीटर दूर करमा गांव के विद्यालय में पढ़ने जाना पड़ता है. व्यस्त सड़क मार्ग से होकर रोजाना इतनी दूरी तय करना बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अभिभावकों के लिए भारी चिंता का विषय बना हुआ है.

स्थिति उस समय और विकट हो गई जब बीते 7 जुलाई को पुराने जर्जर कमरे की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया. हालांकि इस हादसे में बच्चे और शिक्षक बाल-बाल बच गए, जिसके बाद बीईओ के निर्देश पर पठन-पाठन को संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है.

शिक्षा का मंदिर बना भूसा और गाड़ियां खड़ी करने का अड्डा

जिस अधबने भवन में बच्चों की पढ़ाई की गूंज होनी चाहिए थी, वह आज ग्रामीणों के निजी इस्तेमाल का केंद्र बन चुका है. निर्माणाधीन भवन में लोग भूसा रख रहे हैं, मोटरसाइकिलें खड़ी कर रहे हैं और कुछ हिस्सों में अवैध रूप से कोचिंग व आवास संचालित होने की बात भी सामने आ रही है.

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि निर्माण व मरम्मत योजनाओं की राशि की निकासी तो कर ली गई, लेकिन काम को आधा-अधूरा छोड़ दिया गया. प्रधानाध्यापक द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से लेकर शिकायत ग्रीवांस पोर्टल तक गुहार लगाई गई, लेकिन कोई स्थाई समाधान नहीं निकला.

डीईओ साकेत रंजन बोले: जांच कर कराया जाएगा निर्माण पूरा

इस गंभीर मामले पर पूछे जाने पर कैमूर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) साकेत रंजन ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है.

उन्होंने कहा, "विद्यालय भवन के इतने लंबे समय तक अधूरा रहने के कारणों की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर जिम्मेदारी तय करते हुए अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा. शिक्षा विभाग बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है."

Also Read: भभुआ में स्कूलों से निकली तिरंगा रैली, गांव-मोहल्लों में गूंजा देशभक्ति का संदेश; ‘हर घर तिरंगा’ के लिए किया जागरूक


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >