Kaimur News (मैनुद्दीन शाह): यूपी-बिहार बॉर्डर पर पहली ही बरसात में एनएच दो (NH-2) के पुल के नीचे भारी जलजमाव होने से सरैयां गांव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों की परेशानी बेहद बढ़ गई है. ग्रामीणों को पुल में भरे गंदे बरसाती पानी से होकर ही मजबूरन गुजरना पड़ रहा है. दरअसल दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरैंया गांव यूपी-बिहार बॉर्डर पर बसा हुआ है. सरैयां एवं खजुरा गांव के बीच से होकर एनएच दो रोड गुजरा हुआ है. सरैया गांव के समीप एनएच दो पर एक बड़ा अंडरपास पुल बना हुआ है.
आवागमन का एकमात्र मुख्य रास्ता
उक्त पुल के नीचे से होकर ही सरैया गांव के लोग दैनिक कार्यों के लिए अपने घर आते-जाते हैं. सरैया गांव में बसे पश्चिम तरफ के लोगों के लिए तो किसी भी हालत में घर जाने के लिए इस पुल से होकर ही मात्र एक रास्ता उपलब्ध हैं. उनके लिए आवागमन का दूसरा कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है. लेकिन पुल से पानी की निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से सामान्य बरसात होने पर भी यहाँ पूरा पानी भर जा रहा है. जबकि इसी पुल से होकर छोटे-छोटे स्कूली बच्चे खजुरा पड़ाव और सरैयां स्थित स्कूल में रोजाना पढ़ने जाते हैं.
गंदे पानी से भीग रहे कपड़े
गांव के महिला व पुरुष भी दैनिक कार्यों के लिए इस पुल से होकर ही अपने घर को जाते हैं. लेकिन पुल के नीचे घुटनों तक पानी भर जाने से ग्रामीणों के लिए एक नई विकट समस्या खड़ी हो गई है. पानी से होकर गुजरने के कारण लोगों के कपड़े पानी में भीग जा रहे हैं तथा गंदे हो जा रहे हैं. ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि एनएचएआई (NHAI) द्वारा पुल का निर्माण करते समय पानी निकासी के गंभीर विषय में बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया था.
एनएचएआई और डीएम से गुहार
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे मुख्य सड़क का पानी भी पाइप लगाकर पुल के अंदर ही गिराया जा रहा है, जिससे अत्यधिक पानी पुल के अंदर जमा हो जा रहा है. इसके कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पहली बरसात में ही पुल में पानी भर गया है, जिससे लोगों को डर है कि अब पूरे बरसात इसी पानी से होकर स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को गुजरना पड़ेगा. सरैयां गांव निवासी अनवर अली, हुसैन अली, कलामूद्दीन आदि ने एनएचएआई एवं जिलाधिकारी कैमूर का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए जल्द से जल्द जलजमाव की समस्या का स्थाई निवारण करने की पुरजोर मांग की है.
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