Kaimur News: (मोहनिया से विनोद कुमार की रिपोर्ट) :
थाना क्षेत्र के नौघरा गांव के समीप शुक्रवार की शाम एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. यहां खड़ौरा से क्षमता से अधिक मिट्टी लादकर नौघरा गांव की ओर जा रहा एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे (चाट) में पलट गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही चालक को अहसास हुआ कि गाड़ी उसके नियंत्रण से बाहर हो चुकी है, वह अपनी जान बचाने के लिए चलती गाड़ी से कूदकर मौके से फरार हो गया. लेकिन ट्रैक्टर पर सवार दो मासूम बच्चे जब तक स्थिति को समझ पाते, तब तक भारी-भरकम ट्रैक्टर उन पर ही पलट गया और दोनों उसके नीचे बुरी तरह दब गए.
चीखते रहे मासूम और धू-धू कर जला ट्रैक्टर
हादसे के बाद जब तक स्थानीय ग्रामीण दबे हुए बच्चों को बाहर निकालने के लिए दौड़ते, तभी ट्रैक्टर के ईंधन टैंक में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते पूरा ट्रैक्टर धू-धू कर जलने लगा और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया. आग की लपटें और तपिश इतनी तेज थी कि चाहकर भी कोई ग्रामीण बच्चों को बचाने के लिए ट्रैक्टर के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका. ग्रामीणों ने बताया कि जब आग ट्रैक्टर के टायरों तक पहुंची, तो पिघलते और जलते हुए भारी टायर सीधे नीचे दबे बच्चों के शरीर पर आ गिरे. दोनों मासूम काफी देर तक मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन बेबस ग्रामीण आग के तांडव के सामने असहाय खड़े रहे और कुछ ही मिनटों में दोनों ने तड़प-तड़प कर मौके पर ही दम तोड़ दिया.
शराब और बाल श्रम का संगीन आरोप, मृतक की मां के बयान पर FIR दर्ज
इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान नौघरा गांव निवासी कलामुद्दीन अंसारी के 11 वर्षीय पुत्र शैस अंसारी और हसीर धोबी के 14 वर्षीय पुत्र सेचन अली के रूप में हुई है. घटना को लेकर मृतक शैस अंसारी की मां शबरा खातून ने चैनपुर थाने में आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज कराई है. उन्होंने ट्रैक्टर मालिक हैदर खान और चालक पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों को ताक पर रखकर उनके नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही थी. क्षमता से अधिक वजन लादने और चालक की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है, जो कि सीधे तौर पर इन मासूमों की हत्या है.
शवों की पहचान के लिए पटना में होगा DNA टेस्ट, घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जले हुए मलबे से दोनों बच्चों के अवशेषों को बाहर निकाला. एसएचओ ने बताया कि दोनों के शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी शारीरिक या सामान्य पहचान करना पूरी तरह असंभव है. इसलिए शवों को विस्तृत पोस्टमॉर्टम और डीएनए (DNA) सैंपल मिलान के लिए पटना भेजा जा रहा है. मेडिकल टीम द्वारा डीएनए रिपोर्ट आने और वैधानिक रूप से पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा. इस बीच बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया.
Also Read: हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से युवक की मौत, गांव में पसरा मातम
