kaimur News:( विनोद कुमार सिंह) कैमूर के मोहनिया जिले में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने मोहनिया अंचल के दादर मौजा में आधुनिक डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिए सात एकड़ सरकारी भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इस निर्णय से जिले के हजारों पशुपालकों और किसानों में खुशी का माहौल है.
पुरानी डेयरी की जगह मिलेगा आधुनिक संयंत्र
बताया जाता है कि करीब 35 वर्ष पूर्व स्थापित कैमूर डेयरी का वर्तमान भवन जर्जर हो चुका है. साथ ही शहर के बीच स्थित होने के कारण दूध परिवहन में भी लगातार परेशानी होती है. ऐसे में अब एनएच-319 के किनारे दादर मौजा में नई जमीन मिलने से आधुनिक डेयरी संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे व्यवस्था अधिक सुगम होगी.
दूध संग्रहण से लेकर विपणन तक होगी मजबूती
नए संयंत्र के शुरू होने के बाद दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. आधुनिक तकनीक से दूध, दही, घी, पनीर समेत विभिन्न दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जाएगा. इससे कैमूर सहित आसपास के जिलों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी.
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है. भूमि आवंटन के बाद अब डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसके पश्चात निर्माण कार्य शुरू होगा. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे जिले के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है.
150 करोड़ का कारोबार करती है कैमूर डेयरी
कैमूर डेयरी वर्तमान में शाहाबाद क्षेत्र की प्रमुख दुग्ध संस्थाओं में शामिल है. इसका वार्षिक कारोबार करीब 150 करोड़ रुपये का है. डेयरी से लगभग 25 हजार दूध उत्पादक किसान जुड़े हुए हैं और 897 में से करीब 550 दुग्ध समितियां सक्रिय हैं. यहां से प्रतिदिन अधिकतम 80 हजार लीटर तक दूध का उठाव होता रहा है.
नए भवन में फिर शुरू होगा पैकेट निर्माण
वर्तमान में भवन जर्जर होने और एलपीजी आपूर्ति में बाधा के कारण दूध पैकेट निर्माण कार्य प्रभावित है. अभी मोहनिया से दूध डेहरी भेजा जाता है, जहां से पैकेट बनकर वापस आता है. नए संयंत्र के शुरू होने के बाद कैमूर में ही पैकेजिंग का काम शुरू हो जाएगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा.
श्वेत क्रांति की उम्मीद
स्थानीय किसानों और पशुपालकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. किसान बबन सिंह ने कहा कि इससे क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना कैमूर में नई “श्वेत क्रांति” का आधार बनेगी.
