Kaimur News : अमित कुमार सिन्हा की रिपोर्ट : बिहार का कैमूर जिला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है. यहाँ कई प्रसिद्ध देवी-देवताओं के मंदिर हैं, जिनमें सबसे प्रमुख आदि शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी का मंदिर है. भगवानपुर की पवरा पहाड़ी पर स्थित यह अति प्राचीन और सुविख्यात मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है.गर्मी के मौसम को देखते हुए बदला आरती का समय
धार्मिक न्यास के सचिव गोपाल जी प्रसाद ने बताया कि ऋतुओं के अनुसार मंदिर में पूजा और आरती का समय तय किया जाता है. इसी क्रम में ग्रीष्म ऋतु (गर्मी के मौसम) को देखते हुए आरती के समय में बदलाव किया गया है. मुख्य पुजारी उमेश प्रसाद मिश्र के अनुसार, अब मंदिर में दिनभर में तीन बार विशेष आरती होगी:
सुबह की आरती: 06:30 बजे
दोपहर की आरती: 11:30 बजे
संध्या आरती: 06:30 बजे
सोमवार को हुई विशेष पूजा और आरती
सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सुबह 06:00 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद मुख्य पुजारी द्वारा साफ-सफाई कराई गई. इसके बाद सुबह 06:30 बजे घंटे-घड़ियाल की गूंज के साथ माता की भव्य आरती हुई और उन्हें भोग लगाया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए. सोमवार होने के कारण मंदिर परिसर में स्थापित चमत्कारी पंचमुखी शिवलिंग की भी विशेष पूजा और आरती की गई.
‘तांडुलम’ है यहां का मुख्य प्रसाद
माता मुंडेश्वरी मंदिर की अपनी कई अनोखी परंपराएं हैं. मुख्य पुजारी ने बताया कि इस शक्तिपीठ में ‘तांडुलम’ (अक्षत/चावल) माता का मुख्य प्रसाद है, जिसे श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है.
लाखों श्रद्धालु आते हैं दर्शन के लिए
माता मुंडेश्वरी मंदिर में न केवल स्थानीय बल्कि देश-विदेश से भी लोग मन्नतें लेकर आते हैं. हर साल शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
