कैमूर जिले में हथियार का लाइसेंस लेने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को इस बार डीएम के तबादले के बाद निराशा हाथ लगी. पिछले डीएम के तबादले के बाद स्वयं सहित 42 लोगों को हथियार लाइसेंस जारी किए जाने का मामला काफी चर्चित रहा था. प्रभात खबर में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंचा था. इसके बाद इस बार डीएम के तबादले के बाद एक भी नया हथियार लाइसेंस जारी नहीं किया गया.
पिछली बार डीएम ने खुद समेत 42 लोगों को दिया था लाइसेंस
पिछले डीएम सुनील कुमार सिंह के तबादले के बाद स्वयं सहित 42 लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए थे. इनमें सबसे अधिक चर्चा डीएम द्वारा अपने ही नाम पर लाइसेंस जारी किए जाने को लेकर हुई थी. प्रभात खबर ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित कर लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया था.
डीएम के खुद को लाइसेंस देने का मामला विधानसभा तक पहुंचा
डीएम द्वारा स्वयं को हथियार का लाइसेंस दिए जाने का मामला बाद में विधानसभा में भी उठा. विधान पार्षद संतोष कुमार सिंह ने इस मुद्दे को मजबूती से रखते हुए ऐसी प्रक्रिया को गलत परंपरा बताया था. इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हुई.
खुद को लाइसेंस देना माना गया हितों के टकराव का मामला
हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा संबंधी जरूरतों की समीक्षा के बाद लाइसेंस जारी करने का अधिकार सक्षम प्राधिकारी को होता है. ऐसे में तत्कालीन डीएम द्वारा अपनी ही सुरक्षा की समीक्षा कर स्वयं को लाइसेंस जारी करने को हितों के टकराव यानी Conflict of Interest से जोड़कर देखा गया था. इस मामले को लेकर जिले में भी काफी चर्चा हुई थी.
इस बार तबादले के बाद नहीं जारी हुआ एक भी लाइसेंस
पिछले घटनाक्रम के बाद इस बार डीएम नितिन कुमार सिंह के तबादले के बाद हथियार लाइसेंस जारी नहीं किया गया. हालांकि लाइसेंस लेने के इच्छुक लोगों की बड़ी संख्या समाहरणालय पहुंची थी. इसके बावजूद तबादले के बाद किसी व्यक्ति को लाइसेंस नहीं दिया गया. नितिन कुमार सिंह ने अपने पूरे कार्यकाल में तबादले से करीब तीन महीने पहले केवल एक व्यक्ति को लाइसेंस जारी किया था.
तबादले के अगले दिन ही सौंप दिया प्रभार
बताया जाता है कि हथियार लाइसेंस को लेकर लोगों की भीड़ और किसी तरह की परेशानी की स्थिति न बने, इसे देखते हुए नितिन कुमार सिंह ने तबादले के अगले ही दिन मंगलवार को अपना प्रभार सौंप दिया. इस बार तबादले के बाद लाइसेंस जारी नहीं होने को पिछले घटनाक्रम के बाद बदली प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है.
पांच दिन तक सार्वजनिक नहीं हुई थी 42 लाइसेंसधारियों की सूची
पिछली बार डीएम समेत 42 लोगों को हथियार लाइसेंस जारी किए जाने के बाद भी इसकी सूची तत्काल सार्वजनिक नहीं की गयी थी. तबादले के करीब पांच दिन बाद तक सूची सामने नहीं आने पर प्रभात खबर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद प्रशासन ने सूची को नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया, जिससे डीएम द्वारा स्वयं को लाइसेंस दिए जाने की जानकारी सार्वजनिक हुई.
खबर से विधानसभा तक पहुंचा मामला, बदली लाइसेंस प्रक्रिया
सूची सार्वजनिक होने के बाद लाइसेंस पाने वालों में खुशी थी, लेकिन लाइसेंस जारी करने के तरीके को लेकर लोगों में नाराजगी और आपत्ति भी सामने आयी. मामला जिले से लेकर विधानसभा तक पहुंचा. इसके बाद इस बार डीएम के तबादले के बाद हथियार लाइसेंस जारी करने की पिछली परंपरा दोहराई नहीं गयी.
