Kaimur News : अवैध गांजा तस्करी के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश तिवारी की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने रामगढ़ थाना क्षेत्र के देवहलिया निवासी रामप्रसाद राम को दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
72 किलो गांजा बरामद होने के मामले में हुई सजा
एनडीपीएस के विशेष लोक अभियोजक मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि 16 मार्च 2022 को रामगढ़ थाना के पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों को गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रामप्रसाद राम के घर की तलाशी ली. तलाशी के दौरान कुल नौ पैकेट में 72 किलो गांजा बरामद किया गया था.
भागते समय रामप्रसाद और भतीजा पकड़े गये
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान आरोपी रामप्रसाद राम और उसके भतीजे राकेश कुमार ने मौके से भागने का प्रयास किया था. पुलिस टीम ने दोनों को घटनास्थल से पकड़ लिया था. मामले को लेकर रामगढ़ थाने में कांड संख्या 90/2022 दर्ज किया गया था.
पुलिस ने कोर्ट में दाखिल किया था आरोप पत्र
मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक प्रमोद कुमार को दी गयी थी. अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को जुटाने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया. इसके बाद मामले की सुनवाई सक्षम अदालत में शुरू हुई.
FSL रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश किये गये साक्ष्यों और एफएसएल रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना गया. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रामप्रसाद राम को अवैध गांजा तस्करी के मामले में दोषी करार दिया. इसके बाद अदालत ने उसे 15 वर्ष कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी.
जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त जेल
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि एक लाख रुपये के अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी रामप्रसाद राम को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. मामले में कोर्ट के इस फैसले के बाद अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश गया है.
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