Kaimur News : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ, जिला इकाई भभुआ-कैमूर के तत्वावधान में गोंड आदिवासी समाज की ओर से भव्य झांकी निकाली गयी. झांकी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे गोंड आदिवासी समुदाय के हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया. पारंपरिक वेशभूषा में शामिल लोगों ने सांस्कृतिक नृत्य और लोक कला का प्रदर्शन कर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की.
पटेल चौक से निकली झांकी, शहर में दिखी आदिवासी संस्कृति
झांकी का शुभारंभ सुबह 10 बजे पटेल चौक से हुआ. इसके बाद झांकी शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अखलासपुर पट्टी तक पहुंची. पूरे रास्ते गोंड समाज के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ नजर आये.
झांकी के दौरान पारंपरिक गीत और नृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे. बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से शहर में आदिवासी संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला.
सामाजिक अधिकारों को लेकर बुलंद की आवाज
झांकी के माध्यम से गोंड आदिवासी समाज ने अपनी सामाजिक एकता और अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की. कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कैमूर के समक्ष समाज की ओर से पांच सूत्री मांगें भी रखी गयीं.
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास, अधिकारों और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए. समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का संदेश दिया.
पारंपरिक नृत्य और लोक कला बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में गोंड समाज के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और लोक कला का प्रदर्शन किया. रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान खींचा. आयोजन के माध्यम से समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने का संदेश दिया.
वक्ताओं ने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है. ऐसे आयोजन सामाजिक एकता के साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
पदाधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार गोंड, सचिव कपिलमुनी गोंड और कोषाध्यक्ष नथुनी प्रसाद गोंड की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
कार्यक्रम में संघ के राष्ट्रीय सचिव राम नगीना गोंड, ब्रह्यनन्द गोंड, कन्हैया प्रसाद गोंड, भरत राम गोंड, अशोक कुमार गोंड, महेन्द्र गोंड, पन्ने लाल गोंड, रंजीत प्रसाद गोंड, शिवपूजन गोंड, कपिल गोंड, मारकण्डेय गोंड, जिउत गोंड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे.
