कैमूर में भूत-प्रेत की अफवाह से सूना पड़ा स्कूल, तीसरे दिन भी 85 में से एक भी छात्र नहीं पहुंचा विद्यालय

कैमूर जिले के एक मध्य विद्यालय में भूत-प्रेत की अफवाह ने ऐसा असर दिखाया कि लगातार तीसरे दिन भी एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा. छात्राओं के बेहोश होने की घटना के बाद फैले अंधविश्वास ने शिक्षा व्यवस्था ठप कर दी है. ग्रामीणों की डर की वजह से 85 नामांकित छात्र-छात्राएं घर पर ही हैं, जबकि शिक्षक बच्चों का इंतजार कर रहे हैं.

Ghost Rumours Shut Down School : कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लोहंदी करर में भूत-प्रेत की अफवाह का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला. गुरुवार को भी विद्यालय में नामांकित 85 छात्र-छात्राओं में से एक भी बच्चा पढ़ाई के लिए नहीं पहुंचा. विद्यालय के सभी शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचे और पूरे दिन बच्चों का इंतजार करते रहे, लेकिन एक भी छात्र-छात्रा नहीं आया.

छात्राओं के अचानक बेहोश होने से फैला अफवाह

सोमवार को विद्यालय की तीन छात्राओं के अचानक चक्कर खाकर गिरने और बेहोश होने की घटना के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. घटना के बाद अभिभावक छात्राओं को अस्पताल ले जाने के बजाय एक ओझा के पास ले गए, जहां झाड़-फूंक की गई. इसी दौरान बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ओझा विद्यालय परिसर पर भूत-प्रेत की साया होने का दावा करता दिखाई दे रहा है. हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है.

Social Media : सोशल मीडिया पर ओझा के झाड़-फूंक का वीडियो वायरल

ग्रामीणों द्वारा शिक्षकों से बातचीत और ओझा के झाड़-फूंक से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए, जिससे अफवाह और तेजी से फैलती चली गई. शिक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और विद्यालय में लगातार तीसरे दिन भी पठन-पाठन पूरी तरह ठप रहा.

अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से किया इंकार

अफवाह का असर इस कदर है कि अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए तैयार नहीं हैं. गुरुवार को भी सभी शिक्षक विद्यालय पहुंचे और नियमित शैक्षणिक कार्य के लिए तैयार रहे, लेकिन छात्र नहीं पहुंचे. इसके बाद शिक्षक गांव में जाकर अभिभावकों से मिले और बच्चों को विद्यालय भेजने की अपील की.

Kaimur News : शिक्षक गांव-गांव जाकर करते रहे अपील

शिक्षकों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि विद्यालय पूरी तरह सुरक्षित है तथा अफवाहों पर ध्यान न दें. बावजूद इसके अधिकांश ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे और बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार कर दिया.

विभाग और प्रशासन को दी गई सूचना

घटना की सुचना विभाग को दिया गया है, ताकि इसका कोई रास्ता निकला जाए. ग्रामीणों में फैले अंधविश्वास को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि सूचना के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन विद्यालय के दौरा कर चुके हैं ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया इसके बावजूद भी ग्रामीण मानने कोतैयार नहीं हैं.

विद्यालय के प्रधानाध्यापक का बयान

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरनाथ सिंह ने बताया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन की तरह समय पर विद्यालय पहुंच रहे हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, लेकिन छात्र विद्यालय नहीं आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, फिर भी वे बच्चों को भेजने के लिए तैयार नहीं हैं. इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है. साथ ही अधौरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक पहल की जा सके.

अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश

शिक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में चिकित्सकीय जांच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, ताकि अफवाहों पर विराम लग सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो. प्रशासन और शिक्षा विभाग की कोशिश है कि ग्रामीणों को जागरूक कर जल्द से जल्द विद्यालय में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां बहाल कराई जाएं.

फिलहाल विद्यालय में शिक्षक मौजूद हैं, लेकिन लगातार तीसरे दिन भी बच्चों की अनुपस्थिति ने शिक्षा व्यवस्था और


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vinod kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >