कैमूर: भूत-प्रेत की अफवाह से 85 बच्चों की पढ़ाई ठप, समझाने पहुंचे अधिकारी भी नहीं बदल सके अभिभावकों का मन

बिहार के अधौरा में भूत-प्रेत की अफवाह के कारण लोहंदीकरर विद्यालय में 85 बच्चों की पढ़ाई ठप है। प्रशासन लगातार ग्रामीणों को जागरूक करने में जुटा है।

Kaimur News : कैमूर जिला के अधौरा प्रखंड के लोहंदीकरर मध्य विद्यालय में भूत-प्रेत की अफवाह का असर सोमवार को भी बरकरार रहा. शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी सुबह से शाम तक विद्यालय और गांव में मौजूद रहे. उन्होंने अभिभावकों से कई दौर की बातचीत कर बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद एक भी छात्र-छात्रा विद्यालय नहीं पहुंचा. हालांकि अधिकारियों के लगातार प्रयास के बाद ग्रामीणों ने भरोसा दिया है कि मंगलवार की छुट्टी के बाद बुधवार से बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएंगे.

15 दिनों से प्रभावित है 85 बच्चों की पढ़ाई

विद्यालय में नामांकित 85 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पिछले करीब 15 दिनों से पूरी तरह प्रभावित है. शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन लगातार स्थिति सामान्य बनाने में जुटे हैं, लेकिन गांव में फैली अफवाह के कारण अभिभावक अब भी बच्चों को विद्यालय भेजने से हिचक रहे हैं.

तीन छात्राओं के बेहोश होने से फैली अफवाह

पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब करीब 15 दिन पहले विद्यालय में एक साथ तीन छात्राएं अचानक बेहोश हो गई थीं. घटना के बाद गांव में भूत-प्रेत की चर्चा फैल गई और अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया. जिला शिक्षा पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी. बाद में कुछ बच्चे स्कूल पहुंचे, लेकिन एक छात्र के फिर से बेहोश होने की घटना के बाद डर और बढ़ गया.

डीडीसी के निर्देश पर रोज पहुंच रहे अधिकारी

उप विकास आयुक्त दिव्या शक्ति के निर्देश पर शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रतिदिन गांव पहुंचकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं. सोमवार को समग्र शिक्षा अभियान के कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने शिक्षकों के साथ गांव का भ्रमण किया और अभिभावकों से वैज्ञानिक सोच अपनाने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों के बेहोश होने की घटनाओं को भूत-प्रेत से जोड़ना उचित नहीं है.

बुधवार से स्कूल खुलने की उम्मीद

सोमवार को भले ही विद्यालय में एक भी छात्र नहीं पहुंचा, लेकिन अधिकारियों से बातचीत के बाद अधिकांश अभिभावकों ने बुधवार से बच्चों को विद्यालय भेजने की सहमति दी है. अब शिक्षा विभाग की निगाह बुधवार की उपस्थिति पर टिकी है. प्रशासन ने अधिकारियों को गांव में लगातार निगरानी और जनजागरूकता अभियान जारी रखने का निर्देश दिया है.

अंधविश्वास छोड़ शिक्षा को दें प्राथमिकता

शिक्षा विभाग और विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों और अंधविश्वास से दूर रहें तथा बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दें. उनका कहना है कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है और सभी की साझा जिम्मेदारी है कि विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां जल्द से जल्द सामान्य हों.


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By Vikash kumar

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