भभुआ सदर. विश्व रैबीज दिवस पर रविवार को जिला पशु अस्पताल में रैबीज रोधी टीकाकरण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन वार्ड पार्षद मनेंद्र कुमार ने फीता काटकर किया गया. इस दौरान कुत्ते, बिल्लियों सहित रैबीज वाले अन्य पशुओं का टीकाकरण किया गया. कार्यक्रम के दौरान लगभग सौ से अधिक पालतू और आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को टीका लगाया गया. इस मौके पर जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ कमलेश नारायण सिंह ने बताया कि रैबीज एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जिसमें अगर समय पर इलाज नहीं मिले तो मृत्यु दर सौ प्रतिशत तक है. यह मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों की लार के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है या फिर आमतौर पर जानवरों के काटने के माध्यम से आवारा कुत्ते और बिना टीकाकरण वाले घरेलू कुत्ते रैबीज वायरस के लगातार वाहक बने रहते हैं. रैबीज के लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, अत्यधिक लार, पक्षाघात, मानसिक गड़बड़ी और भ्रम शामिल हैं, जो अंततः कई मामलों में मृत्यु का कारण बनती है. विश्व रैबीज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पशु शल्य चिकित्सक डॉ राजेश कुमार, डॉ अभिषेक कुमार, डॉ मनोज कुमार गुप्ता, डॉ हिमानी सिंह सहित अन्य चिकित्सक व कर्मचारी सक्रिय रूप से मौजूद रहे. मौके पर उपस्थित चिकित्सकों ने बताया कि समय-समय पर पशुओं का टीकाकरण कराना जरूरी है, ताकि रैबीज जैसी घातक बीमारी से बचाव हो सके. इस अवसर पर पशुपालकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निशुल्क टीकाकरण शिविर से गरीब व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी लाभ मिलेगा. कार्यक्रम के अंत में पशु चिकित्सालय की ओर से लोगों को नियमित रूप से पालतू कुत्तों की देखभाल और सावधानियों की जानकारी दी गयी.
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