फोटो05.बच्चें को नल के पानी से नहलाती महिला, 06. स्ट्रक्चर पर रखी पानी टंकी, 07.जमीन के उपर पड़ी सप्लाई पाइप, 08.बस्ती के लोग,कुसुम देवी 09.जवाहर मांझी 10.मुंशी मुसहर # प्रभात इंपैक्ट # प्रभात खबर का खबर छपने पर हरकत में आया पीएचइडी, नयी बोरिंग व टंकी स्थापित नहा ल स, बड़ी गरम बा… कहते ही नल की ओर दौड़ पड़े मासूम मई 2020 में तेज आंधी से उड़कर नीचे गिरकर फट गयी थी टंकी मोहनिया सदर. आवस न रे टंकियां में पानी आइल बा नहा ल स, बड़ी गरम बा, मां की इतनी बात सुनते ही नंग-धड़ंग अवस्था में खेल रहे मुसहर बस्ती के छोटे-छोटे बच्चे नल की तरफ दौड़ पड़ते हैं. मां नन्हें बच्चों को नल पर नहलाने लगती है व शनिवार की देर शाम यह दृश्य प्रभात खबर के कैमरे में कैद हो जाता है. यह वाकया शिक्षा व आर्थिक रूप से समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े उस जाति विशेष की है, जो आज से साढ़े पांच वर्ष पूर्व तक नल-जल की एक-एक बूंद के लिए तरसती थी. अधवार मुसहर बस्ती में पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों की पीड़ा को आपके अपने समाचार पत्र ”प्रभात खबर” ने विगत 17 फरवरी 2026 को साढ़े पांच वर्ष से अधवार मुसहर बस्ती के लोगों को नहीं मिल रहा नल का जल शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर छपते ही मार्च 2026 में पीएचइडी के सहायक अभियंता नीरज कुमार शर्मा ने नयी बोरिंग कराने के साथ ही स्ट्रक्चर पर 5000 लीटर क्षमता वाली सिंटेक्स टंकी को भी लगवाया. अब निर्बाध रूप से जल लगभग सभी घरों तक पहुंचने लगा है. हालांकि, जमीन के ऊपर खुली पड़ी सप्लाई पाइपलाइन को यदि विभाग द्वारा ढकवा दिया जाता, तो पाइप क्षतिग्रस्त होने से बच जाती. बस्ती के लोगों के चेहरे पर आयी मुस्कान गर्मी के प्रचंड रूप व पानी की समस्या जानने के लिए जब शनिवार की देर शाम प्रभात खबर संवाददाता अधवार की मुसहर बस्ती में पहुंचे, तो उन्हें देखते ही लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे. लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि जो समस्या पिछले साढ़े पांच साल से बरकरार थी, उसे जनप्रतिनिधि व अधिकारी देखकर चले जाते थे, पर समाधान की पहल कोई नहीं करता था. बस्ती के निवासियों ने बताया कि जब प्रभात खबर ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, तो हम गरीबों की आवाज अधिकारियों के कानों में गूंजने लगी. साढ़े पांच साल से नीचे गिरकर फटी पड़ी टंकी की जगह नयी टंकी लगा दी गयी व नयी बोरिंग भी करायी गयी. आज पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे गर्मी में काफी राहत मिल गयी है. अब खाना बनाने से लेकर नहाने-धोने तक के लिए पानी की कोई समस्या नहीं है. – क्या कहते हैं बस्ती के लोग – मुसहर बस्ती की रहने वाली कुसुम देवी ने कहा कि कई साल से टंकी से पानी नही मिल रहा था, जिसको वोट देकर जीतये न तो वह सुनता था और न ही अधिकारी सुनते थे, लेकिन जब अखबार में हम लोगों की समस्याएं छपी, तो अधिकारी खुद चल कर आये और पानी की समस्या को दूर कर दिया. – बस्ती के रहने वाले जवाहर मांझी ने कहा कि 2019 में नल जल लगा और गर्मी के दिन में ही वर्ष 2020 में आंधी आयी और पानी की टंकी नीचे गिरकर फट गयी, तभी से इस बस्ती को पानी नहीं मिल रहा था. गर्मी में बहुत परेशानी हम लोग झेले हैं, लेकिन जब प्रभात खबर अखबार में हम लोगों की खबर छपी, तो विभाग के अधिकारी आये और टंकी लगवा दिये. इससे हम लोगों को खूब पानी मिल रहा है. – मुंशी मुसहर ने कहा कि हम लोग ऑफिस पर जाकर कहते भी थे तो कोई सुनवाई नहीं होती थी, न तो हम लोगों की पीड़ा जनप्रतिनिधि सुनते थे और न ही हाकिम, लेकिन जब अखबार में हम लोगों का मामला छपा, तो अधिकारी और कर्मचारी सब आये और टंकी लगाने के साथ नल जल को बना दिया. इससे हम लोगों को पानी मिल रहा है अभी पानी सप्लाई वाला पाइप बाहर खुले में पड़ा है. अगर इसको भी जमीन के अंदर कर दिया जाता, तो ठीक रहता. – मुसहर बस्ती की रीना देवी काफी खुश थी, उसने कहा कि अखबार में खबर नहीं छपती तो हम लोगों को पानी नहीं मिलता. आज हम लोगों के छोटे बच्चे अच्छे से नहा रहे है, हम लोग कपड़े भी धो रहे हैं और पीने के लिए पानी की भी समुचित व्यवस्था हो गयी है हमनी खातिर मुखिया, अफसर नाही अकबरवें भगवान बा जेसे कि हमनी के पांच साल बाद पानी मिले लागल नही त हमनी क के सुने वाला बा.
अधवार मुसहर बस्ती में साढ़े पांच वर्ष बाद पहुंचा नल का जल, लोगों के चेहरे खिले
प्रभात खबर का खबर छपने पर हरकत में आया पीएचइडी, नयी बोरिंग व टंकी स्थापित
