मांगों को लेकर अनुमंडल अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

पांच दिवशीय हड़ताल पर गयीं आशा

मोहनिया शहर. अनुमंडलिय अस्पताल परिसर में बुधवार को आशा कार्यकर्ता व आशा फैसिलिटेटर ने अपनी मांगों को लेकर पांच दिवसीय हड़ताल शुरू की. इसके दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मालूम हो की पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को हड़ताल पर जाने की सूचना लिखित रूप से अस्पताल उपाधिक्षक को दी गयी. इसके बाद अस्पताल के मुख्य गेट के पास बैठ धरना दिया. आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 2023 में 32 दिवसीय हड़ताल के क्रम में आशा कार्यकर्ता व फैसिलिटेटर की मासिक मानदेय राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने का निर्णय लिया गया था. करीब दो साल बीतने पर भी उसे लागू नहीं किया गया है. इस समझौते को बढी हुई राशि कम से कम 10,000 रुपये के साथ लागू किया जाये. इसके साथ ही विभिन्न कार्यों के लिए वर्षों पूर्व तय राशि में केंद्र सरकार के द्वारा करीब 10 साल में कोई पुनरीक्षण बढ़ोतरी नहीं किया गया है. साथ ही बताया की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों सेवा संगठनों की 17 सूत्री मांगे हैं. इनमें सभी स्कीम वर्करों की मांगें भी शामिल हैं. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की ओर से 27 अप्रैल, 25 को संपन्न राज्य स्तरीय बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में बिहार की सभी आशा कार्यकर्ता आशा फैसिलिटेटर 20 से 24 मई तक पांच दिवसीय हड़ताल पर रहेंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >