भगवानपुर. प्रखंड मुख्यालय स्थित भगवानपुर बाजार के हनुमान घाट चबूतरा पर गुरुवार को किसानों की बैठक हुई. इसमें हनुमान घाट सहित बभनी, देऊआं, धनगड़ा, मड़ारी और डोहर समेत आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए. बैठक में कृषि कार्य के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने पर किसानों ने नाराजगी जतायी.
किसानों का कहना था कि सरकार की ओर से कृषि कार्य के लिए 16 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का निर्धारण किया गया है, लेकिन उन्हें वास्तविकता में महज आठ से दस घंटे ही बिजली मिल रही है. इससे सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है और फसलों को समय पर पानी नहीं मिलने से नुकसान उठाना पड़ रहा है.
आठ से दस घंटे ही मिल रही बिजली
बैठक में किसानों ने कहा कि खेती के इस समय बिजली की नियमित आपूर्ति बेहद जरूरी है. खेतों में सिंचाई के लिए किसान बिजली पर निर्भर हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
किसानों के अनुसार निर्धारित 16 घंटे की जगह आठ से दस घंटे बिजली मिलने से सिंचाई का काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है.
अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं
किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है. किसानों का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता है और मामले को टाल दिया जाता है.
इससे किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है. बैठक में मौजूद किसानों ने कहा कि अगर कृषि कार्य के लिए नियमित बिजली नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
31 अगस्त को होगा धरना-प्रदर्शन
बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बिजली की समस्या और अन्य मांगों को लेकर 31 अगस्त 2026 को आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. धरना दोपहर 12 बजे आयोजित होगा.
किसानों ने कहा कि धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी समस्या पहुंचायी जायेगी. उनकी मुख्य मांग कृषि कार्य के लिए निर्धारित 16 घंटे बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
बैठक की अध्यक्षता टोड़ी पंचायत के मुखिया ने की, जबकि संचालन पंचायत के बीडीसी प्रतिनिधि मोतीलाल राम ने किया.
बैठक में गुड्डू कुमार सिंह, अलियार शाह, रामधनी सिंह, जगदीश सिंह, भोला पाल, राम सिंह, अयोध्या सिंह, हरगेन सिंह, सत्येंद्र सिंह, उपमुखिया प्रतिनिधि किशोरी राम, कन्हैया सिंह, कमलेश सिंह, संजय सिंह और कामेश्वर राम समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
