अतिक्रमण हटाओ अभियान ढीला पड़ते ही फिर सड़कों पर कब्जा
नप व पुलिस की मौजूदगी में साफ सड़क, जाते ही लौटती अव्यवस्थानो पार्किंग जोन में धड़ल्ले से खड़े हो रहे वाहन
प्रतिनिधि, भभुआ सदर.नगर पर्षद की ओर से नगर थाना पुलिस की मदद से शहर में अतिक्रमण को लेकर पिछले कई दिनों से सख्ती बरती जा रही है. एकता चौक पर कमांड सेंटर बनाकर अभियान चलाया जा रहा है. टैक्स दारोगा सहित अन्य कर्मियों की तैनाती भी की गयी है. इसके बावजूद अतिक्रमणकारी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं. स्थिति यह है कि जब तक एकता चौक, सब्जी मंडी व अन्य स्थानों पर नप कर्मी व पुलिस मौजूद रहते हैं, तब तक सड़क व फुटपाथ चौड़े दिखते हैं. लेकिन, दोपहर बाद जैसे ही निगरानी ढीली पड़ती है, अतिक्रमणकारी फिर सक्रिय हो जाते हैं. मंगलवार की सुबह से ही एकता चौक व सब्जी मंडी रोड सब्जी दुकानदारों, ऑटो व इ-रिक्शा से भरा पड़ा था. नप कर्मियों व पुलिस ने अतिक्रमण हटाया, लेकिन उनके जाते ही ठेले पर सब्जी व फल बेचने वाले दुकानदार फिर से सड़कों पर काबिज हो गये. ऑटो, इ-रिक्शा के साथ सरकारी व निजी वाहन भी सड़क पर ही खड़े होने लगे. ऐसे में चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात वाली स्थिति बनती दिख रही है.
शहर की स्वच्छता व विकास प्रभावित
दरअसल नगर विकास विभाग, बिहार सरकार के आदेश पर नगर पर्षद द्वारा अभियान चलाया जा रहा है. बावजूद इसके जागरूकता के अभाव में अतिक्रमणकारी पुनः सड़कों पर कब्जा जमा रहे हैं, जिससे शहर की स्वच्छता व विकास प्रभावित हो रहा है.स्थानीय निवासी मनोज यादव व सुनील सिंह ने बताया कि अभियान से शुरुआत में राहत मिली, लेकिन अतिक्रमण हटाने के बाद निगरानी नहीं होने से कुछ ही मिनटों में फिर कब्जा हो जा रहा है. यदि लगातार मॉनीटरिंग नहीं हुई, तो अभियान का असर खत्म हो जायेगा.
जहां-तहां वाहन खड़े करने से बढ़ी परेशानी
अतिक्रमण के अलावा बेतरतीब वाहन पार्किंग भी बड़ी समस्या बन गयी है. जहां मन किया, वहीं दोपहिया व चारपहिया वाहन खड़े कर दिये जा रहे हैं. शहर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने व मनमानी पर कार्रवाई नहीं होने से पीक आवर में यातायात रेंगता रहता है. एकता चौक, जेपी चौक व पटेल चौक पर नो पार्किंग जोन के बावजूद वाहन खड़े कर दिये जाते हैं. परिवहन व पुलिस विभाग हेलमेट व कागजात जांच अभियान तो चलाते हैं, लेकिन सड़कों पर अवैध पार्किंग से होने वाली समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है. शीर्ष अधिकारियों के निर्देशों का असर भी एक-दो दिन बाद फीका पड़ जाता है.
कोताही पर होगी कार्रवाई : कार्यपालक पदाधिकारी
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने कहा कि अतिक्रमण हटाने में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इस मामले में लापरवाही पाये जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
