Mohania Road Accident : मोहनिया शहर के पास सोमवार की रात एक सड़क हादसा हो गया. मुठानी के समीप एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया. इस हादसे में उसमें सवार चार महिलाएं घायल हो गईं. घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मदद करते हुए सभी घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया पहुंचाया. डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद दो महिलाओं की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया, जबकि दो महिलाओं को इलाज के बाद घर भेज दिया गया.घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. हादसा उस समय हुआ जब सभी महिलाएं खेत से काम खत्म कर अपने घर लौट रही थीं. अचानक हुए इस हादसे ने इलाके में चिंता का माहौल बना दिया.
खेत से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, घायल सभी महिलाएं मोहनिया थाना क्षेत्र के बेलौड़ी गांव की रहने वाली हैं. उनकी पहचान स्वर्गीय कन्हैया राम की पत्नी शांति कुंवर, दिनेश प्रजापति की पत्नी लक्ष्मीना देवी, अर्जुन राम की पत्नी ममता देवी और यमुना राम की पत्नी रेशमा देवी के रूप में हुई है.
ये सभी महिलाएं देवरिया गांव में धान की रोपनी करने गई थीं. देर शाम काम खत्म करने के बाद वे ई-रिक्शा से अपने घर लौट रही थीं. इसी दौरान मुठानी के पास अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया और ई-रिक्शा पलट गया. पलटते ही महिलाओं में चीख-पुकार मच गई और वे सड़क पर गिरकर घायल हो गईं.
Kaimur News : स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया. घायलों को उठाकर पास के अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय लोगों की तत्परता की वजह से सभी घायलों को समय पर इलाज मिल सका, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई.
अनुमंडलीय अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने सभी का इलाज शुरू किया. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दो महिलाओं की हालत गंभीर पाई, जिन्हें तुरंत हायर सेंटर भेज दिया गया. बाकी दो महिलाओं को इलाज के बाद घर जाने की अनुमति दे दी गई.
डॉक्टर ने दी जानकारी
अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरिफ ने बताया कि चारों महिलाएं घायल अवस्था में अस्पताल लाई गई थीं. प्राथमिक उपचार के दौरान दो महिलाओं की स्थिति ज्यादा गंभीर नजर आई, जिसके बाद उन्हें बेहतर सुविधा के लिए रेफर किया गया. वहीं अन्य दो महिलाओं की हालत स्थिर थी, जिन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई.
हादसे ने खड़े किए सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ई-रिक्शा संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीण इलाकों में अक्सर ओवरलोडिंग और लापरवाही के कारण ऐसे हादसे सामने आते रहते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक को सावधानी बरतनी चाहिए थी.
फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इस तरह के हादसे यह साफ संकेत देते हैं कि सड़क पर सतर्कता बेहद जरूरी है.
