Bihar Electricity Department : कैमूर जिले के दुर्गावती पावर सब स्टेशन का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. छत और दीवारों से लगातार प्लास्टर व मलबा गिर रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति में इस्तेमाल होने वाले महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है. यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इस सब स्टेशन से जुड़े 35 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
जर्जर भवन से 35 गांवों की बिजली पर खतरा
दुर्गावती स्टेशन रोड स्थित बंद पड़ी दीपक वेज प्रो कंपनी परिसर में बने इस पावर सब स्टेशन से दुर्गावती बाजार, चोगड़ा और पिपरिया फीडर के माध्यम से करीब 35 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है. लेकिन भवन की खराब स्थिति अब पूरे विद्युत तंत्र के लिए चिंता का विषय बन गई है.
छत और दीवारों से गिर रहा मलबा
पावर सब स्टेशन की छत और दीवारें जगह-जगह से टूट रही हैं. लगातार गिर रहे प्लास्टर और मलबे से कंट्रोल पैनल, ट्रांसफॉर्मर से जुड़े उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है. इससे किसी भी समय बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है.
नया भवन बनने में कोर्ट केस बना बाधा
स्थानीय लोगों और बिजली विभाग का कहना है कि सब स्टेशन के सुरक्षित संचालन के लिए नए भवन की तत्काल जरूरत है. हालांकि, जिस परिसर में यह सब स्टेशन संचालित हो रहा है, वहां की कंपनी की ओर से कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देकर नए निर्माण पर रोक लगाई जा रही है. इसी कारण भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है.
उच्च अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट
दुर्गावती विद्युत उपकेंद्र के जेई रौनक कुमार कश्यप ने बताया कि भवन की छत और दीवारें जर्जर हो चुकी हैं तथा कभी भी गिर सकती हैं. इससे बिजली उपकरणों के खराब होने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने का खतरा है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है. साथ ही कंपनी की ओर से कोर्ट का हवाला देकर भवन निर्माण कार्य रोकने की बात भी अधिकारियों को अवगत करा दी गई है.
