फोटो,,,8किसान गोष्ठी में शामिल महिला किसान, #अकोल्ही व अखिनी में आत्मा के तहत किसान गोष्ठी का हुआ आयोजन नुआंव. सोमवार की दोपहर अकोल्ही व अखिनी में कृषि विभाग के आत्मा के तत्वावधान में उर्वरकों के संतुलित उपयोग हेतु जागरूकता अभियान के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन हुआ. इसमें दर्जनों महिला व पुरुष किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेतों में उर्वरक के प्रयोग को लेकर जानकारी देते हुए उप परियोजना निदेशक आत्मा नवीन कुमार सिंह ने कहा कि खेती की लगातार बढ़ती मांग व अधिक उत्पादन की होड़ में मिट्टी का स्वास्थ्य तेजी से प्रभावित हो रहा है. यदि समय रहते मिट्टी की सेहत पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में फसल उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाये रखने के लिए रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है. इसके साथ ही जैविक खाद जैसे गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट (केचुआ खाद) व हरी खाद (ढैंचा, मूंग) का प्रयोग करना भी जरूरी है. किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी गयी. नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश का सही अनुपात (4:2:1) फसलों की बेहतर वृद्धि के लिए आवश्यक बताया गया. साथ ही नैनो डीएपी व नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों के उपयोग की जानकारी भी दी गयी. वहीं, किसानों को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक मनीष कुमार सिंह ने पराली जलाने की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की जैविक गुणवत्ता कम होती है व पर्यावरण भी प्रदूषित होता है. किसानों को पराली प्रबंधन अपनाने व उसे मिट्टी में मिलाकर कार्बन की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी गयी. इस मौके पर बीटीएम शुभम मंगल, एटीएम अम्बरीष कुमार सिंह, अरुण कुमार, किसान सलाहकार रामअवध सिंह, रामाकांत सिंह, शशि कांत कुमार सहित किसान अजीत सिंह, लक्ष्मण सिंह, रीमा देवी, ज्योति देवी, लालबहादुर कुशवाहा, प्रमोद शर्मा, सुदामी देवी, प्रमिला कुमारी, रीता कुमारी, महेंद्र राम, कामता प्रसाद सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे.
मिट्टी का स्वास्थ्य बिगड़ना खेती के लिए खतरा, संतुलित उर्वरक पर दीजिए जोर
अकोल्ही व अखिनी में आत्मा के तहत किसान गोष्ठी का हुआ आयोजन
