बाल मजदूरी कराने के मामले में जागेबराव पंचायत के पीआरएस से स्पष्टीकरण

बाल श्रमिकों से बाहा खुदाई के मामले में पंचायत रोजगार सेवक शशिकांत साहनी के खिलाफ प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) संतोष कुमार द्वारा जवाब तलब किया गया है

मोहनिया सदर. आपके अपने समाचार पत्र प्रभात खबर ने विगत 03 जून को जागेबरांव में बाल मजदूरों से करायी बाहा खुदाई, किया 22860 रुपये का भुगतान नामक शीर्षक से तस्वीर के साथ प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था. खबर छपते ही भभुआ प्रखंड की जागेबरांव पंचायत के बेलाढ़ी में बाल श्रमिकों से बाहा खुदाई के मामले में पंचायत रोजगार सेवक शशिकांत साहनी के खिलाफ प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) संतोष कुमार द्वारा जवाब तलब किया गया है. यदि इस मामले में पीआरएस द्वारा स्पष्ट व संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उन पर कार्रवाई होना लगभग तय है. जवाब भी क्या देंगे उन्होंने तो बाल मजदूरी कराया है, जिसका जीवंत उदाहरण मनरेगा की साइट पर अपलोड किया गया उन बाल श्रमिकों की तस्वीर है. नियम के अनुसार मनरेगा की साइट पर उन्हीं व्यक्तियों का फोटो अपलोड करने का प्रावधान है जो कार्य स्थल पर मजदूरी कार्य करते हैं. हालांकि, इस मामले में जांच की प्रक्रिया तेज हो गयी है, अब देखना यह होगा कि ऐसे कारनामे कर विभाग व प्रशासन की भद पिटवाने वाले कर्मी पर कार्रवाई की जाती है या फिर उनको क्लीनचिट दे दिया जाता है. खबर प्रकाशित होते ही श्रम अधीक्षक चंदन कुमार ने श्रम प्रवर्तन अधिकारियों की एक टीम गठित कर मामले की जांच का आदेश जारी किया है. जांच टीम ने ग्राम बेलाढ़ी से रामाश्रय के घर से महेंद्र के खेत होते महुअत रोड तक बाहा खुदाई कार्य जिसका वर्क कोड संख्या 0549002007/आइसी/ 20592517 है, के सभी मास्टर रोल की जांच की, जिसमें भी बाल श्रमिकों का नाम तो शामिल नहीं मिला, लेकिन मनरेगा की साइट पर बाल मजदूरों का ही फोटो अपलोड किया गया है. हालांकि, श्रम विभाग के अधिकारियों की गठित जांच टीम उन्हीं बाल श्रमिकों को बाल मजदूरी से मुक्त कराती है, जो स्थल पर कार्य करते हुए पाये जाते है, फिर भी इस मामले में श्रम अधीक्षक चंदन कुमार ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) संजय कुमार को मनरेगा की साइट पर बाल श्रमिकों की अपलोड की गयी तस्वीर के विषय में पत्र लिखकर रिपोर्ट की मांग की है. अब देखना यह है कि डीपीओ इस मामले में निष्पक्ष रिपोर्ट सौंपते है या फिर अपने अधिनस्थ कर्मी को बचाने के लिए मामले की लीपापोती किया जाता है. # बोले पीओ इस संबंध में पूछे जाने पर पीओ संतोष कुमार ने कहा कि जागेबरांव पंचायत के पीआरएस से इस मामले में स्पष्टीकरण किया गया है, स्पष्टीकरण के जवाब मिलने के बाद ही कुछ होगा. # बोले श्रम अधीक्षक इस संबंध में पूछे जाने पर श्रम अधीक्षक चंदन कुमार ने कहा कि मनरेगा में बालश्रम कराने के मामले में जांच टीम गठित की गयी है. कार्य स्थल पर बाल श्रमिकों को कार्य करते नहीं पाया गया है, क्योंकि कार्य पहले हुआ है. इस मामले में डीपीओ मनरेगा को भी पत्र लिखकर रिपोर्ट की मांग की गयी है. ..श्रम अधीक्षक ने टीम गठित कर मामले की जांच का दिया आदेश तीन जून को प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने पर डीपीओ ने लिया संज्ञान # प्रभात इंपैक्ट #

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Author: VIKASH KUMAR

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