Kaimur News : भभुआ नगर पर्षद परिसर में लंबे समय से पड़े कबाड़ और नीलामी के लिए सूचीबद्ध अनुपयोगी सामग्रियों को लेकर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही उचित मूल्य निर्धारण की मांग उठी है. वार्ड संख्या 16 की पार्षद एवं नगर पर्षद की पूर्व उपसभापति नाहिदा परवीन ने इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय को पत्र सौंपा है. उन्होंने नीलामी से पहले सभी सामग्रियों का मूल्यांकन कराने और उसकी स्थिति व उपयोगिता के आधार पर उचित दर निर्धारित करने की मांग की है.
नीलामी से पहले हो सामग्री का मूल्यांकन
पार्षद नाहिदा परवीन ने अपने पत्र में कहा है कि नीलामी के लिए सूचीबद्ध सभी सामग्रियों की स्थिति, गुणवत्ता और उपयोगिता का आकलन कराया जाना जरूरी है. मूल्यांकन के बाद निर्धारित दर के आधार पर ही नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाए. इससे नगर पर्षद की संपत्ति का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा और नीलामी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी.
सशक्त स्थायी समिति ले चुकी है नीलामी का निर्णय
गौरतलब है कि हाल में नगर पर्षद की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में नगर पर्षद परिसर में लंबे समय से पड़े कबाड़ और अनुपयोगी सामग्रियों की नीलामी कराने का निर्णय लिया गया था. इसके बाद संबंधित सामग्रियों की सूची तैयार कर नीलामी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी क्रम में पार्षद ने नीलामी से पहले मूल्यांकन और दर निर्धारण सुनिश्चित कराने की मांग की है.
लंबे समय से परिसर में पड़ी हैं अनुपयोगी सामग्री
नगर पर्षद परिसर में विभिन्न कार्यों से संबंधित पुरानी और अनुपयोगी सामग्री लंबे समय से पड़ी हुई है. इन सामग्रियों के कारण परिसर में जगह की कमी के साथ अव्यवस्था की स्थिति भी बनी रहती है. नीलामी के माध्यम से कबाड़ और अनुपयोगी सामान हटाये जाने से परिसर को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
उचित मूल्य मिलने से नगर पर्षद को होगा फायदा
पार्षद का कहना है कि नीलामी की प्रक्रिया में नगर पर्षद की संपत्ति का उचित मूल्य मिलना जरूरी है. इसके लिए पहले सामग्री का निष्पक्ष मूल्यांकन और उचित दर का निर्धारण कराया जाना चाहिए. निर्धारित दर के आधार पर नीलामी होने से नगर पर्षद को आर्थिक लाभ मिलने के साथ प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल नहीं उठेंगे.
नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
नाहिदा परवीन ने ईओ से मांग की है कि नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मूल्यांकन की कार्रवाई पूरी करायी जाए. उन्होंने सामग्री की वास्तविक स्थिति और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए दर तय करने पर जोर दिया है. अब नगर पर्षद स्तर से इस मांग पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी.
