कैमूर: नुआंव में 15 दिनों से खराब पड़ा सरकारी चापाकल, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को पेयजल संकट

कैमूर जिले के नुआंव प्रखंड में पेयजल संकट गहरा गया है. बढ़ा गांव के वार्ड-12 में शिव मंदिर के पास लगा सरकारी चापाकल पिछले 15 दिनों से खराब है, जिससे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो रही है. नल-जल योजना के सहारे लोगों की प्यास बुझ रही है.

kaimur News : कैमूर जिला के नुआंव प्रखंड के अकोल्ही पंचायत अंतर्गत बढ़ा गांव के वार्ड संख्या-12 में पेयजल संकट गहराने लगा है. शिव मंदिर के पास लगा सरकारी चापाकल पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों और मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

शिव मंदिर के पास बंद पड़ा चापाकल बना परेशानी का कारण

बढ़ा गांव स्थित शिव मंदिर के समीप लगे सरकारी चापाकल से स्थानीय ग्रामीणों और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पानी मिलता था. लेकिन पिछले 15 दिनों से चापाकल खराब होने के कारण लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

नल-जल योजना के भरोसे बुझ रही लोगों की प्यास

ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल वार्ड में लगी नल-जल योजना के सहारे ही लोगों की जरूरत पूरी हो रही है. वार्ड में दो सरकारी चापाकल हैं, जिसमें एक चापाकल बस्ती से करीब 500 मीटर दूर चालू है, जबकि दूसरा शिव मंदिर के पास लंबे समय से बंद पड़ा है.

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीण जयप्रकाश राम और अनुरंजन राय ने बताया कि खराब चापाकल की मरम्मत को लेकर पीएचईडी विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी तक शिकायत की गई है. अधिकारियों ने पाइप बदलकर जल्द चापाकल चालू कराने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है.

ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत कराने की मांग की

वार्ड के ग्रामीण प्रभा देवी, विक्की राम और उमेश राम सहित अन्य लोगों ने पीएचईडी विभाग से अविलंब चापाकल की मरम्मत कर उसे चालू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल चालू होने से गांव के लोगों के साथ-साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी.


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Author: Sanjay jaiswal

Published by: Vivek Singh

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