भभुआ. जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब सरकार के निर्देश पर रुफ सोलर प्लांट लगाया जायेगा. लेकिन, किराये के भवन में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह सुविधा बहाल नहीं करायी जायेगी. गौरतलब है कि इधर कुछ वर्षों से सरकार द्वारा बिजली की बचत और सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत पूर्व से ही विभिन्न विभागों के माध्यम से चल रहे सरकारी भवनों, पदाधिकारियों के कार्यालयों, सरकारी विद्यालयों आदि में सौर उर्जा प्लांट बैठाने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी क्रम में अब सरकार के निर्देश पर जिले के सरकारी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी रूफ सौर उर्जा प्लांट बैठाने की प्रक्रिया आरंभ करायी गयी है. इधर, जिला आइसीडीएस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रूफ सौर उर्जा प्लांट बैठाने को लेकर जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से उनके पोषण क्षेत्र में संचालित कराये जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या मांगी गयी है. यह सौर उर्जा प्लांट आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के कार्यालय पर भी लगाया जायेगा. इधर, मिली जानकारी के अनुसार इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर 150 वॉट का सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव है. बताया जाता है कि इस सोलर प्लांट के बिजली से दो पंखे और तीन एलइडी बल्ब आसानी से जलाये जा सकते हैं. बहरहाल, सरकार द्वारा यह सुविधा बहाल कर दिये जाने के बाद आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को बिजली कटने पर होने वाली गर्मी और उमस से निजात मिल जायेगी. मात्र 616 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास है अपना भवन जहां तक सरकार की इस योजना का लाभ आंगनबाड़ी केंद्रों में स्कूल पूर्व शिक्षा पा रहे बच्चों को मिलने का है, तो जिले के 1134 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को सौर उर्जा के बिजली का लाभ अभी नहीं मिलने जा रहा है. गौरतलब है कि जिले में 11 बाल विकास परियोजनाओं में संचालित कराये जा रहे ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में 1134 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है. जबकि, जिले में वर्तमान समय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 1749 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराया जा रहा है. अपना भवन वाले केंद्रों की संख्या मात्र 616 है. विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले के शहरी क्षेत्र में भभुआ प्रखंड में 28, चैनपुर प्रखंड में 14, मोहनिया प्रखंड में 23, कुदरा प्रखंड में 20 तथा रामगढ़ प्रखंड के शहरी क्षेत्र में 14 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराया जाता है. इस तरह शहरी क्षेत्र में कुल 99 केंद्रों का संचालन कराया जा रहा है. इसमें से शहरी क्षेत्र के 76 केंद्र किराये पर चल रहे हैं. इसी तरह 11 बाल विकास परियोजना के पोषक ग्रामीण क्षेत्र में 1654 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराया जा रहा है, जिसमें से 742 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है.
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