कैमूर में युवक की सर कटी लाश मिलने के बाद अखिनी गांव में तनाव, SP ने संभाला मोर्चा, पुलिस पर दुर्व्यवहार का भी आरोप

कैमूर के अखिनी गांव में युवक की हत्या के बाद भारी आक्रोश। महिलाओं ने शव वाहन रोककर प्रदर्शन किया, एसपी ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Kaimur Murder Case : नुआंव अखिनी गांव में युवक की सर कटी लाश मिलने के बाद बुधवार को पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना रहा. ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए कैमूर के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी स्वयं घटनास्थल पहुंचे और करीब दो घंटे तक मामले की गहन जांच की. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

पत्नी ने लगाया आवेदन नहीं लेने और दुर्व्यवहार का आरोप

मृतक की पत्नी जयश्री ने एसपी को बताया कि उनके पति सोमवार देर रात से लापता थे. काफी तलाश के बाद मंगलवार को वह नुआंव थाना गुमशुदगी का आवेदन देने पहुंचीं, लेकिन आवेदन लेने के बजाय वहां तैनात एक सब इंस्पेक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने संबंधित पुलिस पदाधिकारी से बुधवार शाम तक स्पष्टीकरण लेने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.

विधायक ने उठाई पुलिस चौकी बहाल करने की मांग

घटनास्थल पर पहुंचे रामगढ़ विधायक सतीश सिंह ने कहा कि अखिनी पुल के पास पहले पुलिस पिकेट रहने से उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले अपराधियों और शराब तस्करों में पुलिस का भय बना रहता था. लेकिन चेक पोस्ट हटने के बाद अपराधी आसानी से घटना को अंजाम देकर सीमा पार फरार हो जाते हैं. उन्होंने गांव में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की.

ग्रामीणों के भरोसे के लिए गांव में पुलिस बल तैनात

एसपी ने तत्काल नुआंव थानाध्यक्ष शांतनु कुमार को निर्देश दिया कि एक पुलिस पदाधिकारी और चार सशस्त्र जवानों की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से अखिनी गांव में की जाए, ताकि ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास कायम रहे और कानून-व्यवस्था बनी रहे.

महिलाओं ने रोका शव वाहन, कार्रवाई के आश्वासन पर मानीं

जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो सैकड़ों महिलाओं ने शव वाहन के आगे खड़े होकर रास्ता रोक दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. लगभग एक घंटे तक शव वाहन आगे नहीं बढ़ सका. बाद में एसपी स्वयं प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच पहुंचे और भरोसा दिलाया कि हत्याकांड का शीघ्र खुलासा होगा, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा पीड़ित परिवार के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई होगी. इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.

एफएसएल और डीआईयू की टीम जुटी जांच में

समाचार लिखे जाने तक एफएसएल की टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी थी. वहीं डीआईयू की टीम डंप लोकेशन, मोबाइल तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चला रही थी. पूरे गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है.


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By Sanjay jaiswal

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