कैमूर में पैक्स गोदाम जांच फिर अटकी, अध्यक्ष नहीं पहुंचे तो नहीं खुला ताला, धान स्टॉक पर बढ़ा सस्पेंस

नुआंव के अखिनी और अकोल्ही पैक्स में धान स्टॉक की जांच अधूरी रही। अध्यक्षों के गायब होने से गोदाम नहीं खुल सके, चावल आपूर्ति में भी भारी लापरवाही सामने आई है।

Kaimur News : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से खरीदे गए धान के बदले निर्धारित समय तक चावल (सीएमआर) की आपूर्ति नहीं होने और लाखों रुपये मूल्य के धान के स्टॉक को लेकर उठे सवालों के बीच अखिनी और अकोल्ही पैक्स की जांच सोमवार को भी पूरी नहीं हो सकी. जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) के स्पष्ट निर्देश के बावजूद दोनों पैक्स के अध्यक्ष जांच के दौरान गोदाम पर नहीं पहुंचे, जिससे गोदाम का ताला नहीं खुल सका और जांच अधूरी रह गई.

डीसीओ के आदेश के बाद भी नहीं पहुंचे पैक्स अध्यक्ष

जानकारी के अनुसार, डीसीओ ने 31 जुलाई को प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (बीसीओ) को दोनों पैक्स गोदामों की जांच करने का निर्देश दिया था. आदेश में कहा गया था कि यदि गोदाम में मानक के अनुरूप धान का स्टॉक नहीं मिले तो 24 घंटे के भीतर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए. इसके लिए बीसीओ ने एक दिन पहले ही दोनों पैक्स के अध्यक्षों और प्रबंधकों को जांच के समय उपस्थित रहने की सूचना दे दी थी.

केवल प्रबंधक पहुंचे, नहीं खुल सका गोदाम

सोमवार को जांच के समय दोनों गोदामों पर केवल प्रबंधक मौजूद रहे, जबकि दोनों पैक्स अध्यक्ष अनुपस्थित रहे. अध्यक्षों की गैरमौजूदगी के कारण गोदाम का ताला नहीं खोला जा सका. इसके बाद बीसीओ ने मौके की तस्वीरें और वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से वरीय अधिकारियों को पूरी स्थिति की जानकारी दी.

फोन भी नहीं उठाया, मंगलवार को फिर होगी जांच

प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी मकसूद आलम ने बताया कि दोनों पैक्स अध्यक्षों को पूर्व सूचना दी गई थी, लेकिन वे जांच के समय नहीं पहुंचे. बाद में फोन पर संपर्क करने का भी प्रयास किया गया, पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. उन्होंने कहा कि मंगलवार को एक बार फिर दोनों पक्षों को बुलाकर गोदाम की जांच कराई जाएगी.

सीएमआर जमा करने की समय सीमा बीत चुकी

विभागीय नियमों के अनुसार 15 नवंबर से 28 फरवरी के बीच किसानों से खरीदे गए धान के बदले तैयार चावल (सीएमआर) को 31 जुलाई तक एसएफसी में जमा करना अनिवार्य था. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद अखिनी और अकोल्ही पैक्स अपनी आपूर्ति पूरी नहीं कर सके हैं.

हजारों क्विंटल चावल की आपूर्ति अब भी बाकी

विभागीय आंकड़ों के अनुसार अखिनी पैक्स पर करीब 3.25 लॉट (942 क्विंटल) और अकोल्ही पैक्स पर 2.25 लॉट (652.50 क्विंटल) चावल एसएफसी में जमा करना अभी शेष है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों गोदामों में मानक के अनुरूप धान का स्टॉक मौजूद है या नहीं. अब सबकी नजर मंगलवार को प्रस्तावित जांच और डीसीओ के निर्देशों के अनुरूप होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी है.


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By Sanjay jaiswal

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